देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

राज्य सरकार का दिशाहीन बजट : सूर्यकांत धस्माना

By Rajat Sharma

Updated on:

स्वास्थ्य शिक्षा व पर्यटन तीर्थाटन के अवस्थापना के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं, SANTULAN में आगे A लगाने की आवश्यकता क्योंकि बजटीय प्रावधान असंतुलित हैं

Advertisement

 देहरादून (ब्यूरो) : उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के इस सरकार के चौथे व अंतिम बजट में अवस्थापना, कल्याणकारी योजना व राजस्व प्राप्ति तथा खर्चों का कोई संतुलन नहीं है और केवल आंकड़ों से जनता को भ्रमित करने की कोशिश की गई है इसलिए जिसे SANTULAN कहा जा रहा वो वास्तव में असंतुलन ASANTULAN है और इसीलिए दिशाहीन बजट है यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने राज्य के पेश हुए बजट पर टिप्पणी करते हुए कही।

श्री धस्माना ने कहा कि एक तरफ तो वर्तमान में हो सरकार ने साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा विभिन्न अस्पतालों, मेडिकल कालेजों का बकाया देना है आयुष्मान, गोल्डन कार्ड व सीजीएचएस तथा अन्य स्वास्थ्य योजनाओं का और आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने मात्र 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

अटल आयुष्मान योजना के लिए जिससे यह अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है कि सरकार देनदारियों को निपटा कर कैसे आने वाले वर्ष में मरीजों का इलाज इतने कम पैसे से करवाएगी। श्री धस्माना ने कहा कि राज्य में नए मेडिकल कालेज, अस्पताल , नई मशीनें व उपकरण के लिए क्या प्रावधान किया है उस पर खामोश है।

श्री धस्माना ने कहा कि उच्च शिक्षा में शोधार्थियों के लिए व नए महाविद्यालयों व सरकारी विश्वविद्यालय की स्थापना का कोई जिक्र नहीं दिख रहा है और केंद्र सरकार की खुरापात से मनरेगा से नाम परिवर्तित कर जी राम जी योजना में राज्य अंश जो अब दस की जगह चालीस प्रतिशत कर दिया गया है उसमें मात्र सात सौ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। श्री धस्माना ने कहा कि कुल मिला कर यह बजट गरीब विरोधी है और साथ ही असंतुलित व दिशाहीन है।

Leave a Comment