देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

Dharali Disaster : आपदा प्रभावितों के लिए घर, अस्पताल और स्कूल बनाने की तैयारी तेज

By Rajat Sharma

Updated on:


Dharali Disaster : उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में आपदा प्रभावित क्षेत्रों, खासकर धराली में राहत और पुनर्वास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन और गढ़वाल आयुक्त से धराली में चल रहे राहत और बहाली कार्यों की ताजा जानकारी ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने प्रभावित लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं और आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

सड़कों और वैकल्पिक मार्गों पर तत्काल कार्रवाई

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के सचिवों को निर्देश दिए कि वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के अस्थायी झील में डूबे हिस्से के लिए तुरंत वैकल्पिक मार्ग तैयार करें। उन्होंने पैदल और अन्य वैकल्पिक रास्तों को भी दुरुस्त करने के आदेश दिए। साथ ही, सर्च ऑपरेशन्स को तेज करने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करने की हिदायत दी। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रभावित लोगों के लिए खाने-पीने और रहने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

किसानों और उत्पादकों को राहत

आपदा के कारण मुख्य सड़क मार्ग बंद होने से धराली और आसपास के क्षेत्रों में फल-सब्जी उत्पादकों को अपने उत्पाद बेचने में दिक्कत हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए मुख्य सचिव ने सचिव कृषि को निर्देश दिए कि उत्तराखंड हॉर्टीकल्चर बोर्ड और मंडी परिषद के जरिए प्रभावित क्षेत्रों मेंრ

आजीविका और पुनर्वास पर फोकस

मुख्य सचिव ने प्रभावित लोगों की आजीविका के लिए ठोस कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने ऐप्पल मिशन, कीवी मिशन, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और होम स्टे जैसी योजनाओं के तहत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, पशुधन हानि के मुआवजे को तुरंत वितरित करने के आदेश दिए गए। उन्होंने स्कूल, अस्पताल और आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए प्रीफैब भवनों की तत्काल व्यवस्था करने और खोए हुए दस्तावेजों के लिए मल्टीपरपज कैंप लगाने के भी निर्देश दिए।

लापता लोगों के लिए सिविल डेथ सर्टिफिकेशन

मुख्य सचिव ने लापता लोगों, विशेष रूप से नेपाली मूल के श्रमिकों और विदेशी पर्यटकों के लिए सिविल डेथ सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा। इसके साथ ही संपत्ति क्षति के मुआवजे का आकलन करने के लिए आधुनिक तकनीक और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करने के निर्देश दिए गए। यूकॉस्ट की मदद से इस आकलन को जल्द पूरा करने की बात कही गई।

ग्लेशियर और झीलों का वैज्ञानिक अध्ययन

मुख्य सचिव ने यूएसडीएमए के पुराने डेटा और अध्ययनों का विश्लेषण करने के साथ-साथ ग्लेशियरों, ग्लेशियर झीलों और उनके रास्ते में मौजूद खतरों का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक मॉड्यूल तैयार करने के आदेश दिए। इसके लिए सभी संबंधित वैज्ञानिक संगठनों को शामिल कर एक विशेष टीम गठित करने की बात कही गई।

इस समीक्षा बैठक में सचिव श्री शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्य सचिव ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद तुरंत उपलब्ध कराई जाए।

Leave a Comment