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उत्तराखंड में नौकरियों की बहार : धामी सरकार ने 30 हजार नियुक्तियों का आंकड़ा किया पार

By Rajat Sharma

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देहरादून : सीएम धामी ने 12 मानचित्रकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, युवाओं के लिए खुला तरक्की का द्वार

देहरादून (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को प्रदेश के युवाओं के नाम एक और उपलब्धि दर्ज की। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के तहत चयनित 12 मानचित्रकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त युवाओं को उनके करियर की नई पारी के लिए बधाई दी और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

सीएम धामी ने दो-टूक कहा कि ये नियुक्तियां केवल सरकारी पद नहीं, बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की बड़ी जिम्मेदारी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये सभी अभ्यर्थी बिना किसी दबाव के, पूरी ईमानदारी और लगन के साथ धरातल पर काम करेंगे।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि प्रधान राज्य होने के नाते उत्तराखंड में मानचित्रकों की भूमिका भूमि प्रबंधन और योजना निर्माण में बेहद अहम साबित होगी।

राज्य में भर्ती माफियाओं पर नकेल कसने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि हमने देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया है। इस कानून का ही परिणाम है कि आज बिना किसी सिफारिश और धांधली के पात्र युवाओं को उनका हक मिल रहा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस पारदर्शी व्यवस्था के दम पर अब तक 30 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्त किया जा चुका है। यह आंकड़ा प्रदेश के इतिहास में सुशासन और युवाओं के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का ठोस प्रमाण है।

विशेष रूप से, उत्तराखंड अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहा है। धामी सरकार का फोकस ‘मिलेट’ (श्री अन्न) के उत्पादन और उनकी बेहतर मार्केटिंग पर है, ताकि पहाड़ों के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल सके। सरकार किसानों की जेब में ज्यादा पैसा डालने के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर युद्धस्तर पर काम कर रही है।

खास बात यह है कि उत्तराखंड अब सिर्फ गेहूं और धान तक सीमित नहीं है। राज्य में सेब, कीवी और औषधीय पौधों की खेती को बड़े पैमाने पर क्लस्टर बनाकर बढ़ावा दिया जा रहा है।

कैबिनेट ने हाल ही में ‘मधु ग्राम योजना’ के तहत लंबित भुगतान को मंजूरी दी है और राज्य में 6 अरोमा वैली विकसित करने का काम भी तेज कर दिया है।

सरकार का अल्टीमेट गोल खेती को इतना लाभकारी बनाना है कि पहाड़ का युवा पलायन के बजाय इसी मिट्टी से जुड़कर स्वरोजगार पाए।

कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी चयनित अभ्यर्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव समेत कृषि विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी रुकी हुई नियुक्तियों को पारदर्शी तरीके से तेजी से पूरा किया जाएगा।

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