रिटायर्ड ब्रिगेडियर हत्याकांड: राजपुर में पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग, दो और मुख्य आरोपी दबोचे गए
देहरादून ( ब्यूरो): उत्तराखंड की राजधानी में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की सनसनीखेज हत्या के मामले में देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजपुर थाना क्षेत्र के गुनियाल गांव के जंगलों में देर रात हुई एक तीखी मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जिसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तुला अपार्टमेंट, जोहड़ी गांव के रहने वाले 74 वर्षीय ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत 30 मार्च की सुबह उस समय हो गई थी, जब वह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। वहां फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो सवार गुंडों के बीच छिड़ी गैंगवार की क्रॉस फायरिंग में एक गोली उन्हें लग गई। मैक्स अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में हत्या (BNS धारा 103(1)) समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था।
जांच में सामने आया कि यह पूरी रंजिश कुठालगेट स्थित ‘ZEN-Z’ बार के मामूली बिल को लेकर शुरू हुई थी। बार कर्मियों और स्कॉर्पियो सवार युवकों के बीच 29 मार्च की रात विवाद हुआ। अगले दिन सुबह दोनों गुट आमने-सामने आ गए और फिल्मी स्टाइल में वाहनों से पीछा करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। इसी खूनी खेल की भेंट बेगुनाह ब्रिगेडियर जोशी चढ़ गए। पुलिस अब तक इस मामले में रोहित, अखलाक, संदीप, आदित्य चौधरी, आदेश गिरी, समीर चौधरी और मोहित अरोड़ा समेत 7 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
देर रात राजपुर पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि हत्या में वांछित चल रहे दो शातिर बदमाश, शांतनु त्यागी और काविश त्यागी, देहरादून में दोबारा दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने तत्काल जाल बिछाया और गुनियाल गांव के पास सघन चेकिंग शुरू की। पुलिस की गाड़ी देखते ही पैदल जा रहे दो संदिग्धों ने खाली प्लॉट की ओर दौड़ लगा दी। पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम की जान लेने की नीयत से दो फायर झोंक दिए।
आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें 22 वर्षीय काविश हुसैन त्यागी के पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से उसके साथी शांतनु त्यागी (21 वर्ष) को भी धर दबोचा। पुलिस ने घायल काविश के पास से एक पिस्टल, दो खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। शांतनु मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है, जबकि काविश मुजफ्फरनगर का निवासी है और हाल ही में राजपुर रोड पर ही रह रहा था।
देहरादून एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया और अस्पताल जाकर घायल बदमाश की स्थिति का जायजा लिया। दून पुलिस ने अब इन दोनों पर हत्या के अलावा पुलिस टीम पर हमला करने की धारा 109 BNS और आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा भी दर्ज कर लिया है। शहर में बढ़ते बार कल्चर और देर रात तक चलने वाले शराब के अड्डों पर अब पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी में है, ताकि भविष्य में बेगुनाह नागरिकों की जान जोखिम में न पड़े।






