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देहरादून : डीएम सविन बंसल की सख्त हिदायत, सालों से लटका भूमि सीमांकन का विवाद चंद दिनों में खत्म

By Rajat Sharma

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सरकारी सिस्टम की सुस्ती पर भारी पड़ी डीएम की कड़ाई, डोईवाला के बक्सरवाला में हुआ भूमि सीमांकन

न्याय के लिए चक्कर काट रहे बुजुर्ग की डीएम ने सुनी पुकार, अवैध कब्जे की शिकायत पर बड़ा एक्शन

देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी में जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का दावा करने वाले जन दर्शन कार्यक्रम में एक बार फिर जिलाधिकारी सविन बंसल का कड़ा रुख देखने को मिला है। सालों से तहसील के चक्कर काट रहे एक फरियादी की गुहार पर डीएम ने न केवल फाइलें तलब कीं, बल्कि विभागीय सुस्ती को किनारे लगाते हुए विवादित भूमि का सीमांकन कार्य भी संपन्न करवा दिया।

मामला डोईवाला तहसील के मौजा बक्सरवाला का है, जहां उम्मेद सिंह अपने पुत्र उत्पल सिंह की निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर दर-दर भटक रहे थे। उम्मेद सिंह ने जिलाधिकारी के सामने गुहार लगाई थी कि उनकी जमीन का सीमांकन नहीं किया जा रहा है, जिससे विपक्षी दल को अवैध कब्जे का मौका मिल रहा है।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए डीएम सविन बंसल ने पिछली सुनवाई में ही निर्देश जारी किए थे, लेकिन जब 6 अप्रैल को उम्मेद सिंह दोबारा जनता दरबार पहुंचे और काम न होने की शिकायत की, तो डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने तहसील प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए 7 अप्रैल तक पूरे प्रकरण की रिपोर्ट पेश करने का अल्टीमेटम दिया था।

जांच में सामने आया कि उत्पल सिंह ने 22 अप्रैल 2025 को ही धारा 41 एल.आर. एक्ट के तहत सीमांकन के लिए आवेदन किया था। जुलाई 2025 में तहसीलदार की रिपोर्ट तो आई, लेकिन सितंबर में फसल कटाई का हवाला देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। प्रशासन की इस हीलाहवाली से शिकायतकर्ता मानसिक रूप से परेशान था।

डीएम की सख्ती के बाद राजस्व विभाग की टीम सक्रिय हुई और राजस्व निरीक्षक ने 11 मार्च 2026 को खसरा संख्या 132क, 138ख और 139 का मौके पर जाकर सीमांकन कार्य पूरा किया। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, खसरा संख्या 139 की 0.4120 हेक्टेयर जमीन 4 मार्च 1993 को खरीदी गई थी, जिस पर अब स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

इस पूरे प्रकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता (दीवानी) की कानूनी राय भी ली गई है। विधिक राय के आधार पर सक्षम प्राधिकारी को निशानदेही सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की मदद से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने साफ कर दिया है कि जन दर्शन में आने वाली शिकायतों पर टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से लेकर कर्ज माफी तक के मामलों का निपटारा एक ही छत के नीचे करने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। डोईवाला का यह मामला उन अधिकारियों के लिए बड़ी चेतावनी है जो फाइलों को अटका कर रखते हैं।

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