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Dehradun Crime : 24 घंटे में खुला मंदिर चोरी कांड का राज, रायवाला पुलिस की जबरदस्त कार्रवाई

By Rajat Sharma

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Dehradun Crime : रायवाला के सत्यानारायण मंदिर में हुई चोरी की घटना ने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन दून पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने इस मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को संरक्षण में लिया। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और कार्यकुशलता को साबित किया है।

क्या थी पूरी घटना?

18 अप्रैल 2025 को रायवाला के सत्यानारायण मंदिर के पुजारी राजकिशोर तिवारी ने पुलिस को सूचना दी कि बीती रात अज्ञात चोरों ने मंदिर का ताला तोड़कर दान पात्र और अलमारी से नकदी व अन्य कीमती सामान चुरा लिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज ख(ng)ाले और स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया।

पुलिस की रणनीति और सफलता

पुलिस ने तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का बेहतरीन समन्वय दिखाया। सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की पहचान की गई, और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड की जांच की गई। सघन तलाशी और स्थानीय स्तर पर छानबीन के बाद, पुराने रेलवे अंडरपास के पास दो संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ में मुख्य अभियुक्त पवन नेगी ने अपना गुनाह कबूल किया, जबकि दूसरा संदिग्ध नाबालिग निकला, जिसे बाल कल्याण अधिकारी के हवाले किया गया। 

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 1 लाख 72 हजार रुपये नकद, पीतल के घंटे, और चांदी के छत्र बरामद किए। पवन नेगी की निशानदेही पर एक खाली प्लॉट में गड्ढा खोदकर छिपाया गया सामान भी पुलिस ने जब्त किया। यह बरामदगी पुलिस की मेहनत और सूझबूझ का नतीजा थी।

अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में पता चला कि पवन नेगी और नाबालिग दोनों पहले भी चोरी और अन्य अपराधों में जेल जा चुके हैं। पवन नेगी ने पूछताछ में खुलासा किया कि नशे की लत और आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने इस चोरी को अंजाम दिया। इस घटना ने क्षेत्र में नशे की बढ़ती समस्या पर भी सवाल उठाए हैं।

पुलिस की सराहना

स्थानीय लोगों ने दून पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर तारीफ की है। प्रभारी निरीक्षक बी.एल. भारती के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस मामले को सुलझाया। यह घटना न केवल पुलिस की कार्यक्षमता को दर्शाती है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास को भी मजबूत करती है। 

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