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भ्रष्टाचार पर वार : नेपाली फार्म के पास 1 लाख की गड्डी के साथ धराए अधिकारी, ये है पूरा मामला

By Rajat Sharma

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देहरादून विजिलेंस का बड़ा एक्शन : डोईवाला के खंड शिक्षा अधिकारी 1 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार

डोईवाला/देहरादून (ब्यूरो): उत्तराखंड के शिक्षा महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब विजिलेंस की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) धनवीर सिंह बिष्ट को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत हुई इस कार्रवाई ने विभाग के भीतर चल रहे कथित कमीशन खोरी के खेल को उजागर कर दिया है। विजिलेंस ने यह ट्रैप बुधवार को नेपाली फार्म के पास लगाया, जहां अधिकारी रिश्वत की रकम वसूलने पहुंचा था। विजिलेंस सेक्टर देहरादून की टीम ने न केवल BEO धनवीर सिंह बिष्ट को दबोचा, बल्कि इस पूरे मामले में संलिप्त एक महिला सहयोगी पुष्पांजलि को भी गिरफ्तार किया है।

पुष्पांजलि देहरादून के डालनवाला इलाके की रहने वाली है और वर्तमान में ऋषिकेश के एक निजी स्कूल से जुड़ी बताई जा रही है। इन दोनों की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत दर्ज मुक़दमा अपराध संख्या 07/2026 के आधार पर की गई है।

पकड़े गए अधिकारी ने ऋषिकेश स्थित ‘गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल’ के शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत मिलने वाले भुगतान को जारी करने के बदले इस भारी-भरकम रकम की मांग की थी। दरअसल, गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के बदले सरकार स्कूलों को प्रतिपूर्ति (Reimbursement) राशि देती है। इसी बिल को क्लीयर करने की फाइल दबाकर अधिकारी स्कूल प्रबंधन से सौदेबाजी कर रहा था। शिकायतकर्ता ने जब इसकी सूचना सतर्कता विभाग को दी, तो टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।

ताजा जांच में यह भी सामने आया है कि धनवीर सिंह बिष्ट केवल डोईवाला के प्रभारी BEO ही नहीं, बल्कि उप शिक्षा अधिकारी के पद पर भी तैनात थे। विजिलेंस की टीम अब इन दोनों आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पूर्व में भी आरटीई भुगतान के नाम पर अन्य निजी स्कूलों से ऐसी ही अवैध वसूली की गई है। गिरफ्तारी के बाद विभाग में तैनात अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी खलबली मची हुई है।

विजिलेंस के निदेशक ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े गए आरोपियों को गुरुवार को विशेष न्यायालय (सतर्कता) के समक्ष पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से यह भी साफ हो गया है कि प्रदेश के शिक्षा तंत्र में आरटीई जैसे कल्याणकारी फंड्स को लेकर निचली स्तर पर भारी अनियमितताएं व्याप्त हैं, जिन पर अब सरकार की पैनी नजर है।

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