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Arhat Bazaar Redevelopment : एमडीडीए ने कहा – 15 दिन में खुद गिराएं निर्माण, वरना होगी कार्रवाई

By Rajat Sharma

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Arhat Bazaar Redevelopment : देहरादून के आढ़त बाजार को नया लुक देने वाली पुनर्विकास परियोजना में अब तेजी आ गई है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) 3 नवंबर से प्रभावित भू-स्वामियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।

लेकिन खुशी के साथ एक सख्त शर्त भी जुड़ी है- रजिस्ट्री से पहले हर भू-स्वामी को एक शपथ पत्र (अफिडेविट) देना होगा। इसमें वादा करना पड़ेगा कि रजिस्ट्री की तारीख से 15 दिनों के अंदर वे अपने पुराने निर्माण खुद तोड़ देंगे।

अगर ऐसा न हुआ, तो एमडीडीए, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन मिलकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेंगे। ऊपर से, इस प्रक्रिया में भू-स्वामियों की कोई शिकायत या आपत्ति नहीं चलेगी। ये कदम परियोजना को पटरी पर लाने के लिए उठाया गया है, ताकि देहरादून का ये पुराना व्यापारिक इलाका जल्द चमक उठे।

दरअसल, एमडीडीए ने आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के क्रियान्वयन पर एक अहम बैठक बुलाई थी। इसकी कमान संभाली सचिव मोहन सिंह बर्निया ने। बैठक में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जमकर चर्चा में जुटे। निर्माण की प्रगति पर नजर डालते हुए लेखपाल नजीर अहमद ने बताया कि आढ़त बाजार के ज्यादातर काम प्राधिकरण स्तर पर हो चुके हैं।

बाकी बचे काम भी तय समय के अंदर निपटाए जा रहे हैं। बैठक में फैसला हुआ कि जिन भू-स्वामियों के कागजात किसी कोर्ट केस या विवाद में अटके नहीं हैं और जिनका मालिकाना हक साफ-साफ साबित हो चुका है, उन्हें जल्द भू-खंड आवंटन और पैसे बांटने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

इसी कड़ी में 3 नवंबर 2025 से रजिस्ट्री का सिलसिला शुरू हो जाएगा। पात्र मालिकों की रजिस्ट्री समय पर पूरी होगी, जिससे प्रोजेक्ट के अगले स्टेज को रफ्तार मिल सके।

परियोजना का मकसद

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने साफ कहा कि ये प्रोजेक्ट सिर्फ इमारतें बनाने का खेल नहीं है। बल्कि, पुराने व्यापारिक इलाके को ताजगी और नई पहचान देने का है। देहरादून के दिल में एक ऐसा मॉडर्न बाजार खड़ा हो रहा है, जो लोकल कल्चर को संभाले हुए सुविधाजनक, साफ-सुथरा और व्यवस्थित हो। एमडीडीए का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से, लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए और समय पर चल रही है। इससे शहर का ये हिस्टोरिकल एरिया नई रंगत में लौट आएगा।

उपाध्यक्ष का जोर 

वहीं, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस मुहिम को देहरादून के विकास का सुनहरा अध्याय करार दिया। आढ़त बाजार पुनर्विकास न सिर्फ शहर की खूबसूरती बढ़ाएगा, बल्कि व्यापार को भी नई दिशा देगा।

एमडीडीए की प्रायोरिटी साफ है- विकास के नाम पर किसी को परेशानी न हो और सारी प्रक्रियाएं सही से पूरी हों। उनका टारगेट है कि ये प्रोजेक्ट राज्य का बेस्ट अर्बन रीडेवलपमेंट मॉडल बन जाए। कुल मिलाकर, ये कदम देहरादून को एक कदम आगे ले जाने वाले हैं।

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