Allergic Asthma Symptoms : मौसम बदलते ही कई लोगों को छींक आना, खांसी, नाक बहना और गले में खराश जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।
ज्यादातर लोग इसे साधारण सर्दी-जुकाम मानकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो यही मामूली लक्षण कभी-कभी एलर्जिक अस्थमा का संकेत भी हो सकते हैं।
एलर्जिक अस्थमा क्या है?
जब किसी व्यक्ति को सांस की समस्या (अस्थमा) के साथ एलर्जी भी हो जाती है, तो इसे एलर्जिक अस्थमा कहा जाता है।
इसमें हवा में मौजूद धूल, मिट्टी, परागकण (pollen), फफूंदी, पालतू जानवरों की रूसी, या मौसम में बदलाव के दौरान फैलने वाले कण सांस की नलियों को प्रभावित करते हैं।
डॉक्टर्स का कहना है कि धूल और पालतू जानवरों से होने वाली एलर्जी पूरे साल परेशानी दे सकती है, जबकि परागकण और फफूंदी अक्सर मौसम बदलने पर लक्षण बढ़ा देते हैं।
एलर्जिक अस्थमा और राइनाइटिस के लक्षण
- लगातार छींक आना और नाक बहना
- आंख और नाक में खुजली होना
- सांस लेने में कठिनाई या सांस का फूलना
सीने में जकड़न और घरघराहट
अगर किसी को एलर्जिक अस्थमा है तो उसमें ये दोनों तरह के लक्षण (नाक-साइनस और फेफड़ों से जुड़े) एक साथ भी दिखाई दे सकते हैं।
अस्थमा के पीछे मुख्य कारण
अस्थमा क्यों होता है इसका सटीक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह पर्यावरणीय और आनुवंशिक (genetic) दोनों कारकों के मेल से विकसित होता है।
धूल, प्रदूषण, परागकण, धुआं, नमी और फफूंद इसके लक्षणों को ट्रिगर कर सकते हैं।
गर्मियों में परागकण और प्रदूषण का असर ज्यादा होता है, वहीं बारिश और नमी के मौसम में फफूंदी और सीलन लक्षण बढ़ा देती है।
यही वजह है कि बदलते मौसम में अस्थमा के मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है।
अस्थमा से बचाव और कंट्रोल के उपाय
अस्थमा का अब तक स्थायी इलाज संभव नहीं है, लेकिन जीवनशैली और डॉक्टर की सलाह से इसके लक्षणों को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
लगातार खांसी या घरघराहट होने पर समय पर टेस्ट कराएं।
लक्षण बढ़ने या दवा असर न करने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा या इन्हेलर की मात्रा न बढ़ाएं।
घर की नियमित सफाई करें, खासकर बिस्तर, तकिए और गद्दे को।
बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें।
डाइट में फल और सब्जियां शामिल करें, ये एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं और फेफड़ों की सूजन कम करती हैं।
योग और मेडिटेशन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं ताकि तनाव कंट्रोल में रहे।











