Ajwain For Cold : सर्दियों में सर्दी-जुकाम, खांसी और पाचन संबंधी परेशानियां आम होती हैं। इस समय में अजवायन एक प्राकृतिक उपाय के रूप में मददगार साबित हो सकता है।
इसमें मौजूद एंटीफंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन, इम्यूनिटी और सांस से जुड़ी समस्याओं को कम करने में असरदार होते हैं।
आइए जानते हैं ठंड में अजवायन कैसे लाभकारी है और इसे खाने के आसान तरीके।
पाचन सुधार में मददगार
अजवायन पेट की एसिडिटी, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। यह गैस्ट्रिक जूस के स्राव को बढ़ाकर पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त करता है।
अजवायन के बीज का अर्क पेट और आंत के घावों को ठीक करने और पेप्टिक अल्सर के इलाज में भी उपयोगी माना जाता है।
बैक्टीरिया और फंगस से सुरक्षा
अजवायन में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने को रोकते हैं।
रिसर्च से पता चला है कि यह ई. कोली और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकता है। कुचले हुए अजवायन को सीधे संक्रमण वाली जगह पर लगाने से घाव जल्दी भरते हैं।
खांसी और सर्दी में राहत
अजवायन बलगम को आसानी से बाहर निकालता है और नाक की बंद समस्या को भी दूर करता है।
अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी सांस की परेशानियों में गुड़ के साथ अजवायन पाउडर बनाकर दिन में दो बार लेने से फायदा होता है।
जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में लाभकारी
अजवायन में मौजूद एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
नियमित सेवन से रुमेटीइड गठिया जैसी पुरानी सूजन वाली बीमारियों की संभावना भी घट सकती है।
ठंड में अजवायन खाने के असरदार तरीके
दादी-नानी का तरीका: पिसी हुई अजवायन, घी, बूरा और सोंठ पाउडर को मिलाकर खाएं। यह मिश्रण सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और पाचन सुधारने में मदद करता है।
अजवायन का पानी: एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवायन डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छान लें और इसमें एक चुटकी काला नमक डालकर चाय की तरह पीएं।
सर्दियों में अजवायन का यह सरल और प्राकृतिक तरीका न केवल सर्दी-जुकाम से राहत देता है, बल्कि पाचन और इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है।











