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Aaj Ka Panchang : 15 सितंबर पंचांग में छिपे ये योग बदल देंगे आपका दिन, जानें शुभ मुहूर्त

By Rajat Sharma

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Aaj Ka Panchang : सोमवार – एक ऐसा दिन जो आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में नवमी तिथि लेकर आ रहा है। विक्रम संवत 2082 का यह कालयुक्त वर्ष हमें याद दिलाता है कि समय चक्र में हर पल का अपना महत्व है। अगर आप नई नौकरी की तलाश में हैं, घर खरीदने की सोच रहे हैं या बस रोजमर्रा के फैसले लेने में उलझे हैं, तो आज का पंचांग आपका साथी बन सकता है। चलिए, इसकी बारीकियों को थोड़ा करीब से देखते हैं, बिना किसी जल्दबाजी के।

तिथि और नक्षत्र 

आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि 15 सितंबर को सुबह 3:06 बजे से शुरू होकर अगले दिन 1:31 बजे तक चलेगी। यह तिथि अविवाहित नवमी के नाम से जानी जाती है, जो विधवाओं या उन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है जो जीवन की चुनौतियों से जूझ रही हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे एक ऐसी तिथि माना जाता है जो आंतरिक शक्ति को जगाती है।

नक्षत्र की बात करें तो मृगशिरा सुबह 7:31 बजे तक रहेगा, जो रचनात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक है। उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव आएगा, जो कभी-कभी तूफानी ऊर्जा लाता है – मतलब, फैसले लेते वक्त थोड़ी सतर्कता बरतें। मैंने खुद देखा है कि ऐसे दिनों में लोग अक्सर पुरानी आदतों को तोड़ने का हौसला जुटा लेते हैं।

योग और करण 

आज व्यतीपात योग सुबह 4:55 बजे से प्रभावी रहेगा, जो जीवन में बदलाव का संकेत देता है। यह योग न तो पूरी तरह शुभ है और न ही अशुभ – बस, संतुलन की मांग करता है। अगर आप विवाह या वाहन खरीदने जैसे बड़े कदम उठाने वाले हैं, तो दोपहर के बाद का समय बेहतर रहेगा।

करण में तैतिल सुबह 3:06 से दोपहर 2:16 बजे तक और फिर गरजा दोपहर 2:16 से अगली रात 1:31 बजे तक चलेगा। ये करण छोटे-मोटे कार्यों के लिए ठीक हैं, लेकिन बड़े निवेश से पहले एक बार सोच लें। सोमवार होने से चंद्रमा का प्रभाव भी मजबूत है, जो भावनाओं को संभालने में मदद करता है।

सूर्योदय से सूर्यास्त तक 

उज्जैन जैसे शहरों में सूर्योदय सुबह 6:17 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:26 बजे। चंद्रोदय तो अगली रात 12:43 बजे होगा, लेकिन चंद्रास्त दोपहर 2:02 बजे ही हो जाएगा। दिन की लंबाई करीब 12 घंटे 9 मिनट की रहेगी, जो शरद ऋतु की शुरुआत का एहसास दिलाती है। दक्षिणायन का यह समय वर्षा ऋतु के वेदिक रूप में अभी भी नमी भरा लगता है, लेकिन हवा में ठंडक का पुट आना शुरू हो गया है। अगर आप बाहर घूमने-फिरने की योजना बना रहे हैं, तो सुबह का समय पकड़ें – जब सूरज की रोशनी अभी कोमल होती है।

शुभ मुहूर्त 

अब बात करते हैं उन पलों की जो दिन को चमका सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:57 से 12:46 बजे तक है – यह वो 49 मिनट का जादुई समय है जब कोई भी शुभ कार्य बिना रुकावट के हो सकता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:41 से 5:29 बजे तक, जो ध्यान या पूजा के लिए परफेक्ट है।

अमृत काल रात 9:04 से 10:37 बजे तक चलेगा, जिसमें अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग भी शामिल हैं – सुबह 6:17 से 7:31 बजे तक। ये योग सोमवार और मृगशिरा नक्षत्र के संयोग से बने हैं, जो व्यापार या नई परियोजना शुरू करने वालों के लिए वरदान जैसे हैं। लेकिन याद रखें, ये मुहूर्त स्थानीय समय पर निर्भर करते हैं, तो अपने शहर के हिसाब से चेक करें।

अशुभ काल 

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही पंचांग में भी। राहुकाल सुबह 7:48 से 9:19 बजे तक रहेगा, तो इस दौरान यात्रा या कानूनी काम टाल दें। यमगंड दोपहर 10:50 से 12:22 बजे और गुलिक काल दोपहर 1:53 से 3:24 बजे तक अशुभ है। दुर्मुहूर्त दोपहर 12:46 से 1:35 और 3:12 से 4:00 बजे तक हैं, जबकि वर्ज्यम शाम 3:39 से 5:12 बजे। ये समय नकारात्मक ऊर्जा से भरे होते हैं, इसलिए अगर संभव हो तो आराम करें या हल्की किताब पढ़ें। ज्योतिषी अक्सर कहते हैं कि इन कालों में मन शांत रखना ही सबसे बड़ा शुभ कार्य है।

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