Vastu Tips : हमारे घर और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए ये दोनों ही बेहद प्रभावी हैं। हमारे शास्त्रों में दर्ज कई उपाय आज के फेंगशुई से भी अधिक असरदार माने जाते हैं।
इनमें दर्पण, काले घोड़े की नाल और घंटी प्रमुख हैं। ये छोटी-छोटी चीजें हमारे रोजमर्रा के जीवन में होती हैं, लेकिन उनके सही प्रयोग को बहुत कम लोग जानते हैं।
दर्पण का महत्व और उपयोग
वास्तु शास्त्र में दर्पण को बहुत ही उपयोगी माना गया है। यह न सिर्फ दिशा की समझ को बढ़ाता है बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा भी लाता है।
यदि घर का उत्तर-पूर्व का कोना कट गया हो, तो वहां बड़ा लुकिंग मिरर लगाना शुभ होता है। इससे वह दिशा बढ़ती हुई प्रतीत होती है और वास्तु दोष समाप्त हो जाता है।
घर के मुख्य द्वार के सामने अगर कोई खंबा, पेड़, मकान का कोना या कूड़ा हो, तो द्वार के ऊपर गोल शीशा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा वापस चली जाती है।
डाइनिंग रूम में उत्तर-पूरब की दीवार पर ओवल शेप का बड़ा शीशा लगाना चाहिए। इससे भोजन और भोजन करने वालों का प्रतिबिंब दिखाई देगा और घर में समृद्धि बढ़ेगी।
ड्रेसिंग रूम में शीशा हमेशा उत्तर या पूर्वी दीवार पर ही लगाएं। दक्षिणी दीवार पर शीशा लगाने से शुभ नहीं माना जाता।
शयन कक्ष में शीशा बिल्कुल न लगाएं क्योंकि यह सोने वाले व्यक्तियों के संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
घंटी की शक्तिशाली ऊर्जा
घंटी सिर्फ मंदिर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका रोजमर्रा के जीवन में भी अद्भुत महत्व है।
घंटी की आवाज़ वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है और नकारात्मक शक्तियों को दूर करती है।
प्रातःकाल स्नान के बाद घर की मुख्य घंटी और मंदिर में घंटी बजाना लाभकारी माना जाता है।
अगर घर के मुख्य द्वार के सामने दो या तीन द्वार एक लाइन में हों, तो बीच के द्वार पर पीतल की छोटी घंटी लगाएं।
बच्चों की पढ़ाई में मन नहीं लगता हो तो पढ़ाई शुरू करने से पहले कम से कम एक मिनट पीतल की घंटी उनके अध्ययन क्षेत्र में बजाएं। इससे मन एकाग्र होकर पढ़ाई में लगेगा।
काले घोड़े की नाल का जादू
प्राचीन काल से ही काले घोड़े की नाल और नाव की कील को शुभ माना गया है।
घोड़े की नाल प्राकृतिक रूप से ऊर्जा से भरी होती है।
घर के मुख्य द्वार पर U-शेप में नाल लगाने से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं। घर में नीचे की ओर और कार्यालय या फैक्ट्री में ऊपर की ओर लगाने की परंपरा है।
इसे लगाने से घर बुरी ऊर्जा से सुरक्षित रहता है।
शनि की महादशा या साढ़ेसाती के समय लोग इसे अंगूठी या छल्ला बनाकर भी पहनते हैं।
इन सरल उपायों को अपनाकर आप अपने घर और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सुरक्षा ला सकते हैं।











