Sabudana Modak Recipe : गणेश चतुर्थी, हरितालिका तीज या नवरात्रि जैसे अवसरों पर जब फलाहार का महत्व बढ़ जाता है, तब ये मोदक स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखते हैं।
आमतौर पर हम चावल के आटे से बने मोदक खाते हैं, लेकिन साबूदाना से बने मोदक उपवास के समय बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं।
नरम और हल्के साबूदाना में नारियल और गुड़ की मीठी भरावन हर निवाले को खास बना देती है। यह मिठाई न सिर्फ पेट भरती है बल्कि उपवास के दौरान ऊर्जा भी प्रदान करती है।
अगर आप व्रत के दिनों में कुछ अलग और पौष्टिक डेज़र्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो साबूदाना मोदक एक शानदार रेसिपी है। इसमें परंपरा का स्वाद भी है और हेल्थ का ध्यान भी।
आवश्यक सामग्री
- बाहरी परत के लिए
- साबूदाना – 1 कप
- पानी – 2 कप
- सेंधा नमक – एक चुटकी
- घी – 1 छोटा चम्मच
- भरावन के लिए
- कद्दूकस किया नारियल – 1 कप
- कुटा हुआ गुड़ – ½ कप (स्वादानुसार)
- इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- कटे हुए मेवे – 2 बड़े चम्मच (वैकल्पिक)
- घी – 1 छोटा चम्मच
बनाने की विधि
साबूदाना को अच्छी तरह धोकर 4-5 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें। फिर पानी निथारकर अलग रख दें। एक पैन में घी गरम करें, नारियल डालकर हल्का भूनें।
अब इसमें गुड़ डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गुड़ पिघलकर नारियल में अच्छी तरह मिल जाए। इलायची और मेवे डालें, 2-3 मिनट पकाकर मिश्रण को ठंडा होने दें। छोटे-छोटे गोले बना लें।
पानी में नमक और घी डालकर उबालें। भीगा हुआ साबूदाना डालकर धीमी आंच पर पकाएं, जब तक यह नरम और आटे जैसा न हो जाए। हथेलियों पर घी लगाकर इस आटे को मुलायम गूंथ लें।
सांचे या हाथ पर घी लगाएं। साबूदाना आटे की लोई लें, चपटा करें और बीच में नारियल-गुड़ की भरावन रखें। धीरे-धीरे किनारों को जोड़कर मोदक का आकार दें।
तैयार मोदक को स्टीमर में रखें और मध्यम आंच पर 5-7 मिनट तक पकाएं। फूले-फूले और हल्के मीठे मोदक तैयार हैं।
साबूदाना मोदक सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि त्योहारों की परंपरा और भक्ति का मीठा संगम है। व्रत के दौरान यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मन को भी प्रसन्न कर देता है।











