Toilet Problems : क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो बाहर ऑफिस या पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करने में हिचकिचाते हैं और ज़रूरत होने के बावजूद खुद को रोककर रखते हैं?
अगर हां, तो यह आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि थोड़ी देर रोकने से कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन बार-बार ऐसा करना शरीर में कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है।
मल रोकने से क्यों बढ़ती दिक्कत?
जब हम मल को लंबे समय तक रोकते हैं, तो आंत की मांसपेशियां उसे वापस बड़ी आंत की ओर धकेल देती हैं।
इस दौरान मल का पानी शरीर सोख लेता है और नतीजा यह होता है कि मल सूखकर कठोर हो जाता है। आगे चलकर यह कब्ज और पेट दर्द जैसी समस्या बढ़ा सकता है।
कब्ज और पेट फूलने की समस्या
डॉक्टर बताते हैं कि कभी-कभार मजबूरी में मल को रोकना हानिकारक नहीं है, लेकिन इसे आदत बना लेना खतरनाक हो सकता है।
जितनी देर तक मल आंतों में रुका रहेगा, उतना ज्यादा समय बैक्टीरिया को किण्वन के लिए मिलेगा। इससे गैस, पेट फूलना, भारीपन और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
मूत्राशय पर पड़ता असर
लंबे समय तक टॉयलेट रोकने से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे मूत्राशय को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर हो सकती हैं।
यही वजह है कि बार-बार ऐसा करने वालों को आगे चलकर यूरिन लीकेज या पेशाब रोक न पाने जैसी दिक्कत हो सकती है।
कोलन कैंसर का खतरा
कई रिसर्च में यह पाया गया है कि बार-बार मल रोकने से कोलन की भीतरी परत पर सूजन आ सकती है और बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने लगती है।
लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर कोलन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
बवासीर और गुदा विदर
जब मल बहुत कठोर हो जाता है तो गुदा की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ जाता है।
इसका नतीजा यह होता है कि कब्ज, बवासीर और गुदा विदर (Anal Fissure) जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो आगे चलकर दर्दनाक रूप ले सकती हैं।
इसलिए बेहतर होगा कि जब भी शरीर संकेत दे, आप समय पर टॉयलेट जाएं। शरीर की प्राकृतिक जरूरत को नजरअंदाज करना सेहत के लिए नुकसानदेह है और बाद में आपको गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।











