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Dehradun News : हॉस्पिटल में वार्ड बॉय, बाहर बना चोर! हिमालयन हॉस्पिटल के इस कर्मचारी की कहानी सुन रह जायेंगे दंग

By Rajat Sharma

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Dehradun News : देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना ने सभी को चौंका दिया। हिमालयन अस्पताल में बतौर वार्ड बॉय काम करने वाला एक युवक, जो मरीजों की सेवा का दावा करता था, असल में वाहन चोर निकला। इस घटना ने न केवल अस्पताल के कर्मचारियों को हैरान किया, बल्कि स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए। डोईवाला पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर इस मामले का खुलासा कर एक मिसाल कायम की है।

क्या थी पूरी घटना?

11 अप्रैल 2025 की रात को हिमालयन अस्पताल में स्टाफ नर्स के तौर पर कार्यरत अनिल कुमार ने अपनी टाटा नेक्सन कार अस्पताल की स्टाफ पार्किंग में खड़ी की थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद जब वह पार्किंग में लौटे, तो उनकी कार गायब थी। किसी अज्ञात चोर ने उनकी कार चुरा ली थी। अनिल ने तुरंत डोईवाला थाने में शिकायत दर्ज की, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर डोईवाला पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की। इस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और गहन छानबीन शुरू की। उनकी मेहनत रंग लाई और अगले ही दिन, यानी 12 अप्रैल 2025 को, पुलिस ने चोर पुलिया, भानियावाला क्षेत्र से संदिग्ध आकाश पाल को हिरासत में लिया। आकाश की निशानदेही पर चुराई गई टाटा नेक्सन कार को सड़क किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा हुआ बरामद किया गया।

चोर की चालाकी और उसका पर्दाफाश

पूछताछ में आकाश ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह हिमालयन अस्पताल में वार्ड बॉय के तौर पर काम करता था। मौका पाकर उसने स्टाफ चेंजिंग रूम में अनिल के बैग से कार की चाबी चुराई और फिर पार्किंग से कार ले भागा। पकड़े जाने से बचने के लिए उसने कार की नंबर प्लेट हटा दी और उसे झाड़ियों में छिपा दिया। आकाश का इरादा था कि वह कार को दूसरे शहर ले जाकर बेच दे। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसकी सारी योजना पर पानी फेर दिया।

कौन है आकाश पाल?

20 वर्षीय आकाश पाल, फतेहपुर टांडा, माजरीग्रांट, लालतप्पड़, डोईवाला का निवासी है। उसका यह कृत्य न केवल आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर भरोसे को भी ठेस पहुंचाता है। बरामद कार की अनुमानित कीमत करीब 9.80 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस की सराहनीय भूमिका

डोईवाला पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल चोरी की घटना को सुलझाया, बल्कि आम लोगों में कानून के प्रति भरोसा भी बढ़ाया। इस ऑपरेशन में उपनिरीक्षक सुमित चौधरी, राजनारायण व्यास, हेड कांस्टेबल देवेंद्र नेगी सहित कई अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मेहनत और समर्पण ने एक बार फिर साबित किया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता।

समाज के लिए सबक

यह घटना हमें सतर्क रहने की सीख देती है। अस्पताल जैसे स्थान, जहां लोग भरोसे के साथ आते हैं, वहां भी अपराधी छिपे हो सकते हैं। हमें अपने सामान और वाहनों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही, पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि अपराध का कोई भी रास्ता आसान नहीं है।

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