जापानी ऑटो कंपनी निसान (Nissan) के लिए मुश्किलों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। कभी दुनिया की सबसे पसंदीदा ऑटोमोबाइल कंपनियों में शुमार निसान (Nissan) अब पहली बार ग्लोबल टॉप-10 सेल्स लिस्ट से बाहर हो गई है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि आखिर निसान (Nissan) की ये हालत क्यों हो गई।
16 साल बाद सबसे बड़ा झटका
निकई एशिया (Nikkei Asia) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में निसान (Nissan) की ग्लोबल बिक्री 6% गिरकर सिर्फ 16.1 लाख यूनिट्स रह गई। इस गिरावट ने निसान (Nissan) को टॉप-10 ऑटोमोबाइल कंपनियों की लिस्ट से बाहर धकेल दिया। दूसरी ओर, चीन की कंपनी BYD ने 33% की शानदार ग्रोथ के साथ 8वां स्थान हासिल कर लिया। वहीं, सुजुकी (Suzuki) ने भी निसान (Nissan) को पछाड़ते हुए 16.3 लाख यूनिट्स की बिक्री की, जो निसान से 20,000 यूनिट्स ज्यादा है। खास बात ये है कि 2004 के बाद पहली बार सुजुकी (Suzuki) ने निसान (Nissan) को पीछे छोड़ा है।
कंपनी पर घाटे का साया
अप्रैल-जून 2025 की तिमाही में निसान (Nissan) को करीब 104 मिलियन डॉलर का भारी नुकसान हुआ। यह कंपनी का लगातार चौथा तिमाही घाटा है। हैरानी की बात ये है कि पिछले साल इसी तिमाही में निसान (Nissan) ने 191 मिलियन डॉलर का मुनाफा कमाया था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
बड़े बाजारों में बिक्री गिरी
- चीन: दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो मार्केट चीन में निसान (Nissan) की बिक्री 18% गिरकर सिर्फ 2.7 लाख यूनिट्स रह गई। 2018 में यह आंकड़ा 7.2 लाख यूनिट्स था।
- अमेरिका: अमेरिका में निसान (Nissan) की सेल्स बेहद सुस्त रही, जिसने कंपनी की मुश्किलें और बढ़ा दीं।
- जापान: अपने घरेलू बाजार जापान में भी निसान (Nissan) को 10% की गिरावट का सामना करना पड़ा। यहां बिक्री सिर्फ 2.2 लाख यूनिट्स रही, जो 1993 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
आखिर क्यों डूब रही है निसान की नैया?
निसान (Nissan) की फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती और आर्थिक चुनौतियों ने कंपनी को कमजोर किया है। इसके अलावा, मार्केट शेयर में लगातार कमी और नए मॉडल्स का आकर्षण फीका पड़ना भी बड़ा कारण है। निसान (Nissan) के मॉडल्स अब ग्राहकों को पहले जैसा लुभा नहीं पा रहे।
अब क्या करेगा निसान?
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का मानना है कि निसान (Nissan) को अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करना होगा। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट में BYD और टेस्ला (Tesla) जैसे ब्रांड्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वहीं, टोयोटा (Toyota) और फॉक्सवैगन (Volkswagen) अभी भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। अगर निसान (Nissan) को अपनी खोई हुई साख वापस पानी है, तो उसे EV मार्केट में जोरदार वापसी करनी होगी।











