Haldwani News : हल्द्वानी में अपोलो हॉस्पिटल के मशहूर सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. एस. वी. एस. देव ने देश में कैंसर के तेजी से बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कैंसर अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जिसके पीछे कई कारण हैं। खान-पान में बदलाव, जीवनशैली, पर्यावरण प्रदूषण, कीटनाशकों का खाने में इस्तेमाल और दूषित पेयजल जैसे कई कारक इसके लिए जिम्मेदार हैं।
कुछ समस्याओं को रोका जा सकता है, लेकिन कुछ के साथ हमें जीना पड़ता है। अगर समय पर जांच हो जाए, तो कैंसर का इलाज आसान हो सकता है। खासकर अगर यह पहले या दूसरे चरण में पकड़ में आ जाए, तो मरीज को ठीक करने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
कैंसर के मामले दोगुने, छोटे शहरों में भी खतरा
हल्द्वानी में वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख मनोज पाठक के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. देव ने बताया कि पहले कैंसर के मरीजों की संख्या करीब 30% थी, जिनमें खाने की नली, पेट, बड़ी आंत, पित्त और लीवर का कैंसर आम था। लेकिन पिछले 10 सालों में यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
इसका कारण टियर-2 शहरों में जांच सुविधाओं का बढ़ना, खान-पान में बदलाव और अन्य कारक हैं। पहले कैंसर के मामले सिर्फ बड़े शहरों में दिखते थे, लेकिन अब छोटे शहरों और यहां तक कि पहाड़ी इलाकों में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली में हर साल 8 से 10 हजार नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें से सिर्फ 50% ही पूरी तरह ठीक हो पाते हैं। पिछले पांच सालों में कैंसर के मामले 100% बढ़े हैं, जो चिंता का विषय है।
जीवनशैली और खान-पान से जुड़ा है कैंसर
डॉ. देव ने बताया कि कैंसर का संबंध हमारी जीवनशैली और खान-पान से है। उन्होंने कहा कि कैंसर की तुलना में कोरोना कुछ भी नहीं है। पिछले 20 सालों में उन्होंने हजारों कैंसर मरीजों का इलाज किया है, जिनमें ज्यादातर मुंह और गले के कैंसर के मामले थे। कैंसर किसी खास उम्र में नहीं होता, यह किसी भी आयु वर्ग को प्रभावित कर सकता है।
खासकर युवाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल रहा है। अगर कैंसर का पता समय पर चल जाए, तो इसका इलाज आसानी से हो सकता है।
योग है कैंसर का रामबाण इलाज
डॉ. देव ने कैंसर से लड़ने के लिए योग को रामबाण इलाज बताया। उन्होंने कहा कि योग से कई बड़ी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। इसका जीता-जागता उदाहरण हैं मनोज पाठक, जिन्हें कैंसर ने जकड़ लिया था, लेकिन उनकी ऊर्जा, शारीरिक ताकत और योग की बदौलत उन्होंने इस बीमारी को मात दी। डॉ. देव ने मनोज पाठक को धन्यवाद देते हुए कहा कि योग को जीवन का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है।
इस दौरान लोगों ने डॉ. देव और उनकी टीम का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. साक्षी तिवारी, शोभा, मंजू प्रभा तिवारी, प्रेमा उप्रेती, मनमोहन जोशी, अमृत पांडे, इंद्र सिंह मेहरा और ललित पंत सहित कई कार्यकर्ताओं ने डॉ. देव और उनकी टीम के प्रति आभार जताया।
रिपोर्टर: जफर अंसारी







