Effects Of Sugar On Children : मीठा बच्चों का फेवरेट होता है, लेकिन अकसर माता-पिता दुलार में बच्चे को जरूरत से ज्यादा मिठाई, टॉफी और चॉकलेट दे देते हैं।
यह छोटी-सी आदत धीरे-धीरे बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचाने लगती है। चाहे अच्छे नंबर आएं या मेहमान आएं, मुंह मीठा करना हमारी आदत का हिस्सा है। लेकिन अगर बच्चा रोजाना जरूरत से ज्यादा चीनी लेने लगे तो यह उसके लिए खतरे की घंटी बन सकता है।
अत्यधिक शक्कर का सेवन बच्चों में मोटापा, दांतों की समस्या और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है। इसके अलावा, जब बच्चा बार-बार मीठा खाता है तो उसकी डाइट से पोषक तत्व कम होने लगते हैं।
नतीजा यह होता है कि शरीर में पोषण की कमी आ जाती है और लंबे समय में दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
बच्चे की आदतें घर से शुरू होती हैं
हर बच्चा अपने माता-पिता और परिवार को देखकर सीखता है। अगर घर में हर छोटी खुशी पर मिठाई और चॉकलेट दी जाती है तो बच्चा भी उसी को सामान्य मानने लगता है। इसलिए सबसे पहले पैरेंट्स को खुद संतुलित डाइट अपनानी होगी।
मिठाई की जगह फलों, फ्लेवर्ड दही या नेचुरल स्वीटनर वाले विकल्प चुनें।
बच्चे को समझाएं कि स्वाद सिर्फ चीनी से नहीं बल्कि हेल्दी चीजों से भी लिया जा सकता है।
मीठे की क्रेविंग कैसे कंट्रोल करें?
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को मिठास देने के लिए नेचुरल शुगर सबसे अच्छा विकल्प है।
शहद, खजूर, मेपल सिरप जैसे विकल्प चीनी से बेहतर हैं।
डार्क चॉकलेट को सीमित मात्रा में दिया जा सकता है, क्योंकि इसका हल्का कसैला स्वाद बच्चे को चीनी की आदत से धीरे-धीरे दूर करता है।
मीठा खाने के लिए नियम बनाएं
बच्चों को सिखाएं कि मीठा रोज का हिस्सा नहीं बल्कि खास मौकों के लिए होता है।
हफ्ते में एक दिन मीठा खाने का नियम बना सकते हैं।
अगर आज चॉकलेट खाई है, तो आइसक्रीम न मिले।
इनाम के तौर पर हमेशा टॉफी-चॉकलेट न दें, बल्कि किताबें, स्टेशनरी या पसंद का कोई छोटा गिफ्ट दें।
किन चीजों से दूरी जरूरी है?
दूध में अतिरिक्त शक्कर या फ्लेवर पाउडर न मिलाएं।
डिब्बाबंद जूस और कोल्ड ड्रिंक से बच्चों को दूर रखें, क्योंकि इनमें सिर्फ प्रिजर्वेटिव और शुगर होती है।
पैकेट वाले फूड्स में भी काफी छिपी हुई शक्कर होती है, इसलिए इन्हें कम से कम दें।
अगर आप शुरुआत से ही बच्चे की डाइट को संतुलित और शुगर-लिमिटेड बना देते हैं तो वह मीठे का गुलाम नहीं बनेगा। इसके बजाय, वह हेल्दी विकल्पों को चुनना सीखेगा और लंबे समय तक स्वस्थ रहेगा।











