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आबकारी विभाग की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति: ओवरसीज बॉन्ड पर छापे, पूरे आपूर्ति नेटवर्क पर कड़ी नजर

By Rajat Sharma

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देहरादून : आबकारी विभाग ने शराब की दुकानों में ओवररेटिंग और अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए अपनी सख्ती और भी बढ़ा दी है। अब विभाग की निगरानी सिर्फ रिटेल दुकानों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला के हर स्तर तक पहुंच गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को विभाग की टीम ने देहरादून स्थित ओवरसीज बॉन्ड गोदाम पर औचक छापेमारी की। हालांकि, गहन जांच के बाद वहां किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई, जिसने विभाग की सतर्कता को और भी स्पष्ट कर दिया है।

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बॉन्ड लाइसेंसों की समीक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई

विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई विभाग द्वारा जारी किए गए बॉन्ड लाइसेंसों की चल रही समीक्षा का हिस्सा थी। पिछले कुछ समय से शराब की दुकानों में ओवररेटिंग और स्टॉक में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, विभाग ने अब बॉन्ड गोदामों और अन्य संबंधित स्थलों की जांच शुरू कर दी है, ताकि जड़ से समस्या का समाधान किया जा सके।

दस्तावेजों की गहन जांच और कर्मचारियों से पूछताछ

शुक्रवार की छापेमारी के दौरान, विभाग की टीम ने गोदाम में रखे स्टॉक का मिलान संबंधित कागजातों से गंभीरता से किया। साथ ही, मौके पर मौजूद कर्मचारियों से भी गहन पूछताछ की गई। टीम ने सुरक्षा मानकों, स्टॉक की स्थिति और लाइसेंस शर्तों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने हर पहलू की जांच सुनिश्चित की, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि सब कुछ नियमों के अनुरूप चल रहा है।

पूरे नेटवर्क पर विभाग की पैनी निगाह

एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने बताया कि अब विभाग की नजर केवल शराब की दुकानों पर नहीं, बल्कि पूरे आपूर्ति नेटवर्क पर है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि शराब की बिक्री और भंडारण से जुड़ी हर प्रक्रिया पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप चले।” यह बयान विभाग की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाता है।

भविष्य में भी जारी रहेंगी ऐसी छापेमारी

अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी छापेमारी जारी रहेंगी ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। विभाग की इस सख्त निगरानी को स्थानीय स्तर पर एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम बताया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर शराब मिल सके और अवैध कारोबार पर नकेल कसी जा सके।

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