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धामी सरकार का बड़ा फैसला, अग्निवीरों के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली को मिली मंजूरी

By Rajat Sharma

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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में मुहर, अग्निवीरों की भर्ती और बाल वीरता पुरस्कार समेत कई बड़े प्रस्ताव पास

  • अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में बड़ी राहत, धामी कैबिनेट ने समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों के लिए मंजूर की नई नियमावली

  • हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक: स्वजल और स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता समेत लिए गए 13 अहम फैसले

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने प्रशासनिक सुधारों और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई कड़े और बड़े फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर पहाड़ी राज्य की व्यवस्था पर पड़ेगा।

युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए धामी सरकार ने सेना से सेवामुक्त हो चुके अग्निवीरों के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के समायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत पूर्व की व्यवस्था में जरूरी संशोधन करते हुए लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में विशेष छूट के प्रावधान जोड़े गए हैं। इसके अलावा, प्रदेश के साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना’ को भी मंजूरी दी गई है, जिससे विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस दिखाने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।

प्राकृतिक आपदाओं से राज्य के संवेदनशील इलाकों को बचाने के लिए कैबिनेट ने ‘उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026’ को हरी झंडी दिखा दी है। इसके माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और निर्माण गतिविधियों को वैज्ञानिक तरीके से विनियमित किया जाएगा ताकि जन-धन की हानि को रोका जा सके। व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने के लिए ‘द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026’ को भी विधानसभा में लाने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक श्रेणी में लाकर प्रशासनिक बोझ कम किया जाएगा।

हरिद्वार स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के कायाकल्प के लिए एक विशेष सोसाइटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, जिसके तहत इसे योग, आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के अंतर्गत कार्यरत 215 पदों की निरंतरता को फरवरी 2027 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुरुस्त रखने के लिए संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों और ऊधमसिंह नगर के एक भू-उपयोग परिवर्तन मामले में तकनीकी त्रुटियों को भी सुधार दिया गया है।

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