धामी कैबिनेट की मुहर : चारधाम यात्रा के पशुओं का बीमा प्रीमियम भरेगी सरकार, उपनल कर्मचारियों के वेतन पर आया बड़ा अपडेट
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड सरकार ने राज्य के विकास, शिक्षा, पर्यटन और जनहित से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी है। सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कड़े मानकों को आधार बनाते हुए उत्तराखंड को देश का पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
इसके साथ ही वर्षों से लंबित पड़ी अंतरराज्यीय किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की लाइफलाइन माने जाने वाले घोड़ों और खच्चरों के मालिकों को धामी सरकार ने इस बार बड़ी राहत दी है। केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्गों पर चलने वाले करीब 15,000 पंजीकृत अश्ववंशीय पशुओं के बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि अब सीधे राज्य सरकार अपने बजट से वहन करेगी।
कुल 525 लाख रुपये के इस अनुमानित प्रीमियम में से सरकार 105 लाख रुपये का वित्तीय भार खुद उठाएगी, जबकि शेष 80 प्रतिशत राशि पशु स्वामियों को देनी होगी। इस योजना के तहत प्रति पशु की कीमत 70,000 रुपये तय करते हुए 5 प्रतिशत की बीमा दर निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद उपनल के माध्यम से सरकारी विभागों में तैनात हजारों कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट से बड़ी खबर आई है।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा समान कार्य के लिए समान वेतन देने के आदेश के क्रम में पहले से तय पात्रता की कट ऑफ डेट को संशोधित कर दिया गया है। कैबिनेट ने पुरानी तिथि 12 नवंबर 2018 को बदलते हुए अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश की तिथि 15 अक्टूबर 2024 को नई कट ऑफ डेट निर्धारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को वैश्विक मानचित्र पर चमकाने के लिए धामी कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी है। इस बार रैली का जिम्मा एकल स्रोत के माध्यम से एक बेहद अनुभवी संस्था को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
इस भव्य आयोजन में कुल 120 से अधिक गाड़ियों की एंट्री का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेसर, 25 एशिया क्रॉस कंट्री रैली के भागीदार, 20 क्लासिक कारें और 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चैंपियनशिप के धाकड़ खिलाड़ी शामिल होंगे।
राज्य के सुगंधित तेलों और जड़ी-बूटी उत्पादों के वैश्विक निर्यात को बढ़ाने और मिलावटखोरी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सेलाकुई स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र (CAP) में एक अत्याधुनिक ‘एक्सेलेरेटर मास स्पेक्ट्रोमेट्री’ (AMS) मशीन लगाई जा रही है। ट्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एक्सपोर्ट स्कीम (TIES) के तहत संचालित होने वाली इस मशीन के जरिए सिंथेटिक और प्राकृतिक तेलों के बीच का अंतर तुरंत पकड़ा जा सकेगा।
इस जटिल मशीन के सुचारू संचालन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन के लिए कैबिनेट ने 5 नए विशेषज्ञ पदों को सृजित करने की अनुमति दी है, जिसमें प्रोजेक्ट साइंटिस्ट-III, सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट, प्रोजेक्ट एसोसिएट-II और दो टेक्निकल असिस्टेंट के पद शामिल हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग का असर अब उत्तराखंड की सड़कों के निर्माण पर भी दिखने लगा है। पेट्रोलियम पदार्थों के महंगे होने से बिटुमिन (डामर) की कीमतों में 30 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है। इसे देखते हुए कैबिनेट ने उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदारों को राहत दी है।
1 अप्रैल 2026 से पहले के ऐसे सभी चालू अनुबंधों, जिनमें काम होना बाकी है, उनमें संशोधन किया गया है। अब 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए केवल बिटुमिन से जुड़े कार्यों हेतु मूल्य समायोजन (Price Adjustment) के नए दिशा-निर्देश जारी करने पर सहमति बनी है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को लेकर भी एक बड़ा तकनीकी पेंच सुलझा लिया गया है।
अधिसूचना जारी होने (18 अगस्त 2024) और शासनादेश लागू होने (24 नवंबर 2024) के बीच की अवधि में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा निकाली गई तीन प्रमुख भर्तियों—कनिष्ठ सहायक परीक्षा 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस व पीएसी/आईआरबी (पुरुष) भर्ती 2024, और अपर निजी सचिव व वैयक्तिक सहायक भर्ती परीक्षा 2024 में जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन की अंतिम तिथि के बाद अपने राज्य आंदोलनकारी प्रमाण-पत्र जमा किए थे, उन्हें सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब इन अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (सन्निरीक्षा) के दौरान एक बार के लिए छूट देते हुए पूरी तरह से मान्य कर दिया गया है।
पशुपालन विभाग की ओर से दूध उत्पादन में क्रांतिकारी वृद्धि करने के लिए राज्य में गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार की एक बड़ी पायलट परियोजना शुरू होने जा रही है। इसके तहत उच्च आनुवंशिकी वाले शुद्ध दुधारू पशुओं की आबादी तेजी से बढ़ाने के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer) तकनीक का सहारा लिया जाएगा, जिसे कैबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है। इसके अलावा, आबकारी नीति विषयक नियमावली 2025-26, 2026-27 और 2027-28 के तहत उपकर (Cess) को अब वैट अधिनियम 2005 के तहत वैट गणना का हिस्सा बनाया जाएगा, साथ ही होलोग्राम शुल्क के दोहराव को रोकने के लिए नियमों में जरूरी संशोधन को मंजूरी दी गई है।
न्यायिक और प्रशासनिक सुधारों के तहत सुप्रीम कोर्ट के 3 अक्टूबर 2024 के आदेश का अनुपालन करते हुए ‘उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली 2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत अभ्यस्त अपराधियों (Habitual Offenders) से जुड़े पुराने कानूनों में संशोधन किया गया है। इसके साथ ही राज्य गठन के बाद से पहली बार जेल विभाग में तैनात स्थायी उप-कारापालों की पदोन्नति के लिए ‘उत्तराखंड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली 2026’ को प्रख्यापित किया गया है, जिससे विभाग के 14 स्वीकृत पदों पर प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है।
अंत में, राज्य के संस्कृत विद्यालयों को मान्यता देने और परीक्षाओं के बेहतर संचालन के लिए ‘उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली 2026’ के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न अस्पतालों के बकाया पड़े मेडिकल बिलों के तुरंत भुगतान के लिए स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया गया है।







