तोता घाटी में अनियंत्रित होकर पलटी यात्रियों से भरी बस, चीख-पुकार के बीच देवप्रयाग पुलिस ने मोर्चा संभाला
देवप्रयाग : उत्तराखंड के पर्वतीय रास्तों पर चारधाम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता सामने आई है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बेहद संवेदनशील तोता घाटी के पास रविवार को यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गई। इस भीषण हादसे के वक्त बस में कुल 39 यात्री सवार थे, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।
डायल 112 के माध्यम से आपातकालीन सूचना मिलते ही थाना देवप्रयाग पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम, आपदा प्रबंधन दल और 108 एम्बुलेंस सेवा को बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत दुर्घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। राहत बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत मोर्चा संभाला।
प्राथमिक जांच के मुताबिक, यह दुर्घटनाग्रस्त बस रुद्रप्रयाग से तीर्थयात्रियों को लेकर हरिद्वार की ओर लौट रही थी। तोता घाटी के तीखे और खतरनाक मोड़ पर अचानक चालक का नियंत्रण खो गया और बस बीच सड़क पर ही पलट गई। गनीमत यह रही कि बस खाई में नहीं गिरी, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

इस पूरी घटना में किसी भी प्रकार की गंभीर जनहानि नहीं हुई है। बस में सवार 3-4 यात्रियों को सामान्य चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत 108 एम्बुलेंस के जरिए ऋषिकेश अस्पताल भिजवा दिया गया है।
कोतवाली देवप्रयाग पुलिस ने दुर्घटनास्थल पर राहत और सहायता कार्य पूरा करने के साथ ही क्रेन की मदद से वाहन को साइड करवाया। हादसे के बाद हाईवे पर लगे जाम को खुलवाकर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु कर दिया गया है। बस में सवार अन्य सभी 35 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिन्हें गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
टिहरी गढ़वाल पुलिस ने इस हादसे के बाद चारधाम यात्रा पर आ रहे सभी आमजन और तीर्थयात्रियों से विशेष अपील जारी की है। पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि पर्वतीय मार्गों पर मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बेहद सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं। पहाड़ों के अंधाधुंध मोड़ों पर रफ्तार को नियंत्रित रखें और हर हाल में यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें।






