बाबा केदार के भक्तों के लिए सख्त नियम, अब वीआईपी दर्शन की नहीं मिलेगी इजाजत
खराब मौसम में रोकी जाएगी केदारनाथ यात्रा, रुद्रप्रयाग प्रशासन ने जारी किया नया सेफ्टी प्रोटोकॉल
रुद्रप्रयाग (ब्यूरो)। केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाया है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि रात 10:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक यात्रा मार्ग पर किसी भी यात्री वाहन या पैदल आवागमन की अनुमति नहीं होगी। यह पाबंदी सुरक्षा कारणों से लगाई गई है और इसका उल्लंघन करने वालों पर पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। केवल आवश्यक सामग्री ले जाने वाले वाहनों को ही इस समयावधि में छूट दी जाएगी।
जिला कार्यालय सभागार में हुई इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में साफ कर दिया गया कि केदारनाथ धाम में अब किसी भी प्रकार के ‘वीआईपी दर्शन’ की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का पूरा ध्यान आम श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने पर है। आयुक्त ने कहा कि ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक की सड़कों का हाल ठीक है, लेकिन जहां भी खामियां हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
आंकड़ों की बात करें तो बाबा केदार के दरबार में अब तक 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए 31 हजार से अधिक यात्रियों को मेडिकल हेल्प दी गई है। वहीं, 11 हजार लोग अब तक हेली सेवा का लाभ उठा चुके हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए 8 हजार से अधिक पशुओं का पंजीकरण और बीमा किया गया है। नियमों को ताक पर रखने वाले संचालकों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
केदारनाथ यात्रा के दौरान फैल रही अफवाहों और भ्रामक खबरों पर नकेल कसने के लिए आईजी गढ़वाल ने विशेष सेल को सक्रिय किया है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सोशल मीडिया पर किसी भी गलत जानकारी के आते ही तत्काल अपना आधिकारिक पक्ष रखें। इसके साथ ही हेली सेवाओं में टिकटों की मनमानी कीमत वसूलने वालों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अगर कोई कंपनी निर्धारित दर से ज्यादा पैसे मांगती है, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। 18 किलोमीटर लंबे पैदल ट्रैक पर हर समय पर्यावरण मित्र और सफाई कर्मी तैनात रहेंगे।
गौरीकुंड के तप्तकुंड में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम की सुविधा शुरू कर दी गई है। धाम में आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए फायर ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं और पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग को अग्निशमन उपकरण खरीदने के लिए ₹5 लाख का अलग से बजट आवंटित किया गया है।
विधायक आशा नौटियाल ने बैठक के दौरान स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने तुना-बौंठा मोटर मार्ग के डामरीकरण और तुंगनाथ-चोपता में पार्किंग की कमी का मुद्दा रखा। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर प्रमुख मार्गों पर साइन बोर्ड लगा दिए जाएंगे। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो यात्रा को 2 से 3 घंटे के लिए कहीं भी रोका जा सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही अपनी आगे की योजना बनाएं।






