आदि पत्रकार नारद से सोशल मीडिया तक : देहरादून में पत्रकारिता की चुनौतियों और भविष्य पर मंथन
देहरादून। राजधानी के सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में रविवार को पत्रकारिता के मूल्यों और गौरवशाली इतिहास की गूंज सुनाई दी। विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित ‘नारद जयंती एवं पत्रकारिता दिवस समारोह’ में देवर्षि नारद को विश्व का आदि पत्रकार बताते हुए राष्ट्रहितकारी पत्रकारिता का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आदि पत्रकार देवर्षि नारद के चित्र पर पुष्पांजलि और ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान से हुई। दीप प्रज्वलन के बाद सभागार में मौजूद पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने सकारात्मक एवं तथ्यपरक संवाद की शपथ ली।
मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने दो टूक कहा कि पत्रकारिता का लक्ष्य महज सूचनाओं का प्रसार नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि भारतीय दर्शन, नैतिक मूल्यों और सनातन संस्कृति को सशक्त बनाना ही सच्ची पत्रकारिता है।
शिव प्रकाश ने बदलते दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ सोशल मीडिया वैश्विक स्तर पर एक बड़ा हथियार बन चुका है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाए जा रहे राष्ट्रविरोधी नैरेटिव का खंडन करना हर सजग पत्रकार की जिम्मेदारी है।
समारोह में ‘हिमालय हुंकार’ पत्रिका के विशेषांक का भव्य विमोचन भी किया गया। इस साल का अंक ‘हिन्दू जागरण के सौ वर्ष’ विषय पर केंद्रित है। पत्रिका के संपादक शाक्त ध्यानी ने इसकी प्रासंगिकता बताते हुए स्पष्ट किया कि यह अंक गौरवशाली इतिहास के उन पन्नों को सामने लाता है जो समाज के पुनर्जागरण के गवाह रहे हैं।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित करने के क्रम में उत्तरकाशी के प्रताप रावत, वरिष्ठ साहित्यकार सोमवारी लाल उनियाल और ई-टीवी के ब्यूरो चीफ किरण कांत शर्मा को मंच पर सराहा गया। इनके साथ ही दैनिक जागरण के अश्विनी त्रिपाठी, रुड़की के नितिन कुमार, न्यूज़ स्टेट हेड संचित शर्मा, थराली प्रेस क्लब अध्यक्ष राकेश सती और अमर उजाला के आफताब अजमत सहित कई दिग्गजों को सम्मानित किया गया।
बिंदल्स बायोटेक लिमिटेड के वरिष्ठ निदेशक अशोक बिंदलस ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर बात की। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस युग में नैतिक मूल्यों को बचाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। पत्रकारों को अपनी साख बनाए रखने के लिए तथ्यों की शुद्धता पर ध्यान देना होगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्व संवाद केंद्र की टीम का विशेष योगदान रहा। इस मौके पर प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, सह प्रांत प्रचारक चन्द्रशेखर, क्षेत्र सामाजिक समरसता प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, प्रांत प्रचार प्रमुख संजय और विभाग प्रचारक धनंजय सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र मित्तल, सचिव राजकुमार टांक और ‘हिमालय हुंकार’ के संपादक रणजीत सिंह ज्याला ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।







