राजधानी में नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला, चूना भट्टा के खंडहर अब बनने लगे ‘डेथ स्पॉट’
देहरादून (ब्यूरो)। राजधानी के रायपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चूना भट्टा इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुल के नीचे एक युवक का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद हुआ। स्थानीय लोगों ने जब सुबह पुल के नीचे लाश देखी तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची रायपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक युवक नशे का आदी था और अपने परिवार से अलग होकर चूना भट्टा क्षेत्र में ही एक किराए के कमरे में रहता था। वह मजदूरी करके अपना गुजारा कर रहा था लेकिन उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा नशे की भेंट चढ़ जाता था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवक की मौत के पीछे ड्रग ओवरडोज की प्रबल आशंका जताई जा रही है, हालांकि असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी। हैरान करने वाली बात यह है कि इसी चूना भट्टा क्षेत्र में नशे के कारण मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते मार्च महीने में ही इसी इलाके के एक खंडहरनुमा मकान से 26 वर्षीय शिवानी अरोड़ा का शव मिला था। शिवानी भी नशे की लत से जूझ रही थी और उसके शरीर पर चोट के निशान मिले थे, जिसने पुलिसिया जांच को हत्या और नशे के ओवरडोज के बीच उलझा दिया था।
क्षेत्रीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी गुस्सा है। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि चूना भट्टा और रायपुर के इन इलाकों में स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस को अवैध नशे की बिक्री की जानकारी दी, लेकिन सख्त कार्रवाई न होने के कारण यह इलाका अब ‘डेथ जोन’ में तब्दील होता जा रहा है। देहरादून पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि युवक को नशा सप्लाई करने वाले गिरोह के तार कहां से जुड़े हैं।
पुलिस कप्तान (SSP) ने इलाके में गश्त बढ़ाने और नशे के सौदागरों पर नकेल कसने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, पुलिस मृतक के परिजनों से संपर्क साधने और उसके अंतिम दिनों की गतिविधियों को खंगालने में जुटी है ताकि मौत की गुत्थी सुलझाई जा सके।






