उत्तराखंड के मैदानी हिस्सों में हाल ही में बिना बारिश के ही कड़ाके की सर्दी पड़ने लगी है। लोग हैरान हैं कि आखिर ये ठंडी लहर इतनी तेज कैसे आ गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी ठंडी हवाएं हैं।
ये हवाएं जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड पहुंचीं, जिनमें कुछ नमी भी थी। नतीजा ये हुआ कि घने कोहरे ने दिन के तापमान को काफी नीचे गिरा दिया और शीत दिवस जैसी हालत बन गई।
पश्चिमी विक्षोभ कैसे बनाता है ऐसा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ एक तरह की मौसमी प्रणाली है जो भूमध्य सागर या कैस्पियन सागर क्षेत्र से शुरू होकर पश्चिम से पूर्व की ओर आती है। सर्दियों में ये उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करती है। जब ये हवाएं हिमालय से टकराती हैं, तो ऊंचे इलाकों में बर्फबारी या बारिश होती है, जबकि मैदानों में नमी बढ़ने से कोहरा छा जाता है।
ये नमी तापमान को तेजी से गिराती है, क्योंकि बादल सूरज की गर्मी को रोक लेते हैं। इससे दिन में भी ठंडक बनी रहती है – इसे ही शीत दिवस कहते हैं, जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम हो जाता है।
पहले उत्तराखंड के मैदानों में कोहरा मुख्य रूप से हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों तक सीमित रहता था। लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ की हवाओं ने पूरे मैदानी क्षेत्र को प्रभावित किया। यही वजह है कि बिना बर्फबारी या भारी बारिश के भी ठंड इतनी बढ़ गई।
जलवायु परिवर्तन का असर क्यों पड़ रहा है?
मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम के पैटर्न बदल रहे हैं। पहले पश्चिमी विक्षोभ से अच्छी बारिश और बर्फबारी होती थी, जो ठंड को संतुलित रखती थी। लेकिन अब कई बार नमी कम होने से बारिश नहीं होती, सिर्फ ठंडी हवाएं और कोहरा ही रह जाता है। बर्फबारी के लिए पर्याप्त नमी जरूरी होती है, जो इन दिनों कम देखी जा रही है। इससे पहाड़ों पर बर्फ कम जमा हो रही है, जो गर्मियों में नदियों के पानी के लिए महत्वपूर्ण है।
आने वाले दिनों में मौसम का हाल
रविवार को भी मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाने से ठंड बरकरार रहेगी। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जैसे जिलों के लिए घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर शीत दिवस की स्थिति बनी रह सकती है।
वहीं, ऊंचाई वाले जिलों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश की संभावना है। 3500 मीटर से ऊपर बर्फबारी भी हो सकती है। 22 दिसंबर तक मौसम ऐसा ही रहेगा, लेकिन 23 से 26 दिसंबर तक पूरे राज्य में सूखा मौसम रहने का अनुमान है। उसके बाद, 27 दिसंबर से फिर बारिश के आसार बन सकते हैं।
सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, बाहर निकलते समय सावधानी बरतें और कोहरे में वाहन चलाते समय धीमी गति रखें। मौसम की ताजा जानकारी के लिए IMD की वेबसाइट चेक करते रहें।







