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Niranjanpur Mandi Shift : निरंजनपुर मंडी होगी शिफ्ट, मुख्य सचिव ने नई जगह तलाशने के दिए निर्देश

By Rajat Sharma

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देहरादून में यातायात की समस्या से निपटने के लिए बड़े बदलाव की तैयारी हो रही है। शहर की बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक जाम को कम करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से चर्चा हुई, जहां कई ठोस कदमों पर फैसले लिए गए।

देहरादून, जो उत्तराखंड की राजधानी है, पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ते वाहनों की संख्या के कारण ट्रैफिक संकट का सामना कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, यहां हर साल करीब 10-15% वाहनों की वृद्धि हो रही है, जिससे सड़कें और पार्किंग स्पेस पर दबाव बढ़ गया है।

निरंजनपुर मंडी को नई जगह पर ले जाने की योजना

शहर के केंद्र में स्थित निरंजनपुर मंडी से ट्रैफिक में काफी असर पड़ता है, क्योंकि यहां रोजाना सैकड़ों ट्रक और वाहन आते-जाते हैं। मुख्य सचिव ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को निर्देश दिए हैं कि इस मंडी को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट करने के लिए जल्द से जल्द नई जगह की तलाश की जाए। इससे न केवल ट्रैफिक सुगम होगा, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। यह कदम देहरादून मोबिलिटी प्लान का हिस्सा है, जो शहर को स्मार्ट और सुव्यवस्थित बनाने पर फोकस करता है।

आढ़त बाजार का पुनर्निर्माण जल्द शुरू होगा

आढ़त बाजार, जो देहरादून के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है, अब नए सिरे से विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इस पुनर्निर्माण कार्य के लिए 20 जनवरी तक शासनादेश (जीओ) जारी कर दिया जाए। इससे बाजार को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा सकेगा, जैसे बेहतर सड़कें, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था। यह परियोजना शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगी, क्योंकि यहां हजारों लोग रोजगार से जुड़े हैं।

सड़कों पर सुधार और जंक्शन का अपग्रेडेशन

देहरादून की सड़कों को और मजबूत बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग को शहर के छह प्रमुख जंक्शनों को सुधारने का काम सौंपा गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि इन जंक्शनों के लिए 15 जनवरी तक जीओ जारी किया जाए। ऐसे सुधारों से ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उदाहरण के लिए, इन जंक्शनों पर सिग्नल सिस्टम, फुटपाथ और ओवरब्रिज जैसी सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं, जो शहरवासियों के लिए रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाएंगी।

पार्किंग सुविधाओं का बेहतर उपयोग और विस्तार

शहर में पहले से बनी पार्किंग जगहों का पूरा इस्तेमाल न होने पर मुख्य सचिव ने चिंता जताई। उन्होंने जोर दिया कि इन पार्किंगों को 100% उपयोग में लाया जाए, ताकि सड़कों पर अवैध पार्किंग कम हो। साथ ही, नगर निगम को ऑन-रोड पार्किंग सिस्टम को और ज्यादा सड़कों पर लागू करने के निर्देश दिए गए। इससे लोग अपनी गाड़ियां सड़क किनारे छोड़ने की बजाय निर्धारित जगहों पर पार्क करेंगे। यह बदलाव पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि कम ट्रैफिक जाम से प्रदूषण घटेगा।

परिवहन विभाग की नई पहलें

परिवहन विभाग को एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) रजिस्टर करने का काम दिसंबर में पूरा करने को कहा गया है। एसपीवी एक ऐसी संस्था है जो विशेष परियोजनाओं को संभालती है, जैसे ट्रांसपोर्ट सुधार। मुख्य सचिव ने जनवरी में इसकी पहली बोर्ड मीटिंग आयोजित करने पर जोर दिया। इसके अलावा, आशारोड़ी में जब्त वाहनों के लिए नई पार्किंग जल्द शुरू की जाएगी, जो पुलिस और प्रशासन के लिए उपयोगी साबित होगी।

मोबिलिटी प्लान के तहत नई पार्किंग साइट्स

अर्बन मोबिलिटी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) द्वारा तैयार मोबिलिटी प्लान में कई नई पार्किंग जगहों की पहचान की गई है। मुख्य सचिव ने इन जगहों की ग्राउंड ट्रुथिंग (जमीनी जांच) कराने के निर्देश दिए, ताकि ये पार्किंग के लिए वाकई उपयुक्त हों। अगर जांच में सकारात्मक नतीजे आए, तो इन पर काम शुरू किया जाएगा। साथ ही, परेड ग्राउंड में अंडरग्राउंड पार्किंग की संभावना का अध्ययन जल्द करने को कहा गया है। यह प्लान शहर को भविष्य के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।

शहर की साफ-सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार

देहरादून की सड़कों पर बिना अनुमति के लटकी बिजली की तारों को हटाने पर भी फोकस किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि जहां अंडरग्राउंड केबल का काम पूरा हो चुका है, वहां सड़कों की मरम्मत तुरंत की जाए। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव अहमद इकबाल और विनीत कुमार, एमडीडीए के वीसी बंशीधर तिवारी, एसपी अजय सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जो इन योजनाओं को अमल में लाने के लिए जिम्मेदार हैं।

ये सभी कदम देहरादून को एक स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं, जहां यातायात सुगम हो और जीवन आसान बने। शहरवासी इन बदलावों से जल्द लाभ उठा सकेंगे, बशर्ते इन्हें समय पर लागू किया जाए।

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