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Congress Rally Controversy : पीएम मोदी पर टिप्पणी विवाद पर पुष्कर सिंह धामी का विपक्ष पर तीखा हमला

By Rajat Sharma

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Congress Rally Controversy : उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक नया विवाद उभर रहा है, जो दिल्ली से जुड़ी कांग्रेस की एक रैली से शुरू हुआ। हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस ने एक बड़ी रैली आयोजित की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य चुनावों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना था।

लेकिन इस रैली को लेकर बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक नारे लगाने की बात शामिल है। इस मुद्दे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया है, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

रैली का पृष्ठभूमि और संदर्भ

ह रैली 14 दिसंबर को दिल्ली में हुई थी, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर जोर दिया। भारत की राजनीति में ऐसे कार्यक्रम अक्सर पार्टियों के बीच तनाव बढ़ाते हैं, खासकर जब चुनाव नजदीक हों। हाल के वर्षों में, बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं बढ़ी हैं, जहां एक पक्ष दूसरे पर व्यक्तिगत हमले का आरोप लगाता है।

उदाहरण के लिए, विगत चुनावों में कांग्रेस को कई राज्यों में हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उसकी रणनीति पर सवाल उठे हैं। बीजेपी का मानना है कि ऐसी रैलियां विपक्ष की हताशा को उजागर करती हैं, जबकि कांग्रेस इसे लोकतंत्र की रक्षा के प्रयास के रूप में देखती है।

मुख्यमंत्री धामी का कड़ा रुख

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस का व्यवहार राजनीतिक मर्यादा की सीमाओं को लांघ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चाहे प्रधानमंत्री की दिवंगत मां के बारे में की गई टिप्पणियां हों या रैली में इस्तेमाल की गई भाषा, यह सब कांग्रेस की बढ़ती निराशा का संकेत है।

धामी के अनुसार, जनता लगातार कांग्रेस को राज्यों से बाहर का रास्ता दिखा रही है, जिससे पार्टी अनुचित बयानबाजी पर उतर आई है। उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार होने के कारण धामी का यह बयान स्थानीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है, जहां विकास मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय विषय भी चर्चा में रहते हैं।

कांग्रेस की ओर से जवाबी हमला

इस आलोचना के जवाब में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साफ-साफ इनकार किया कि रैली में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कोई अपशब्द बोले गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस के मंचों से कभी भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं होता। गोदियाल ने उल्टा बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह ऐसी रैलियों में अपने लोगों को भेजकर विवाद पैदा करने की कोशिश करती है।

उनके मुताबिक, यह बीजेपी की पुरानी रणनीति है, जिसका मकसद विपक्ष को बदनाम करना होता है। गोदियाल ने मुख्यमंत्री धामी को सलाह दी कि वह राज्य की ज्वलंत समस्याओं, जैसे बेरोजगारी और विकास पर ध्यान दें, न कि ऐसे छोटे-मोटे मुद्दों पर।

इस विवाद का व्यापक प्रभाव

यह पूरा प्रकरण भारतीय राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण को दर्शाता है, जहां व्यक्तिगत हमले और आरोप-प्रत्यारोप आम हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवाद चुनावी माहौल को गर्माते हैं, लेकिन वे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका सकते हैं। उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां पर्यटन और विकास प्रमुख एजेंडा हैं, राजनीतिक नेता अक्सर राष्ट्रीय मुद्दों को स्थानीय स्तर पर जोड़ते हैं।

इस घटना से साफ है कि पार्टियां अपनी छवि सुधारने और जनता का ध्यान खींचने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आ सकती हैं, जो राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती हैं।

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