Uttarakhand Weather Update : उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम हमेशा से ही रोमांचक रहा है, जहां एक छोटा सा बदलाव भी लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर डाल सकता है। इन दिनों पश्चिमी हिमालय पर एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जो भूमध्य सागर से आने वाली ठंडी हवाओं का एक सिस्टम है।
ये विक्षोभ सर्दियों में उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और बर्फबारी लाते हैं, जो किसानों के लिए रबी फसलों की सिंचाई में मददगार साबित होते हैं, लेकिन साथ ही यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत पड़ती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी हिस्सों में अगले एक दिन में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ क्या है और क्यों महत्वपूर्ण
पश्चिमी विक्षोभ एक तरह की मौसमी प्रणाली है जो मध्य पूर्व से हवाओं को लेकर भारत की तरफ आती है। सर्दियों में ये हिमालय क्षेत्र में नमी बढ़ाती हैं, जिससे हल्की बारिश या बर्फबारी होती है। IMD के आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे विक्षोभ सालाना औसतन 4-6 बार आते हैं, और ये गेहूं, जौ जैसी फसलों के लिए जरूरी नमी प्रदान करते हैं।
हालांकि, अगर ये मजबूत हों तो भूस्खलन या सड़क जाम जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं। इस बार का विक्षोभ कमजोर है, इसलिए प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में सावधानी बरतनी चाहिए।
अगले 24 घंटों में क्या उम्मीद करें
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में मौसम करवट ले सकता है। IMD ने चेतावनी दी है कि ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फ गिर सकती है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है, लेकिन स्थानीय लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए।
उत्तराखंड में खासतौर पर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर बेहद हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। 3700 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर बर्फ पड़ने की ज्यादा संभावना है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम सूखा और साफ रह सकता है। ये बदलाव यात्रा योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए ट्रैफिक अपडेट चेक करना फायदेमंद होगा।
रविवार को मौसम का हाल
कल रविवार को भी उत्तराखंड में मौसम का मिजाज कुछ वैसा ही रहने वाला है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में चुनिंदा जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी देखी जा सकती है। 3500 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों में बर्फ गिरने की अच्छी संभावना है, जो स्कीइंग या ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। हालांकि, राज्य के बाकी जिलों में सूखा मौसम जारी रह सकता है, जिससे दैनिक जीवन सामान्य रहेगा। अगर आप पहाड़ों की सैर पर जा रहे हैं, तो गर्म कपड़े और मौसम ऐप साथ रखें।
आने वाले दिनों में मौसम की दिशा
इस विक्षोभ के बाद उत्तराखंड में मौसम ज्यादातर शुष्क रहने की उम्मीद है, जो सर्दियों की शुरुआत में सामान्य है। लेकिन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 13 से 18 दिसंबर तक जगह-जगह बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जो इन इलाकों की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बर्फ पर्यटन को बढ़ावा देती है। IMD के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 14 से 16 दिसंबर तक सुबह घना कोहरा छा सकता है, जो दृश्यता कम करके वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा करेगा।
इसी तरह, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में 14 से 18 दिसंबर तक सुबह के समय घना कोहरा रह सकता है। ये कोहरा आमतौर पर ठंडी रातों और नमी से बनता है, और इसमें ड्राइविंग करते समय फॉग लाइट्स का इस्तेमाल जरूरी होता है।
सावधानियां और सलाह
मौसम के इन बदलावों के बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ठंड से बचने के लिए गर्म पेय पदार्थों का सेवन बढ़ाएं और बाहर निकलते समय मास्क पहनें, खासकर कोहरे वाले इलाकों में। IMD की वेबसाइट पर नियमित अपडेट चेक करके आप खुद को तैयार रख सकते हैं। ये पूर्वानुमान विज्ञान पर आधारित हैं, लेकिन मौसम कभी भी बदल सकता है, इसलिए सतर्क रहना सबसे बेहतर है।







