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Goa Nightclub Fire : खटीमा में बन रहा था नया आशियाना, गोवा की आग ने सब जलाकर राख कर दिया

By Rajat Sharma

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Goa Nightclub Fire : पिथौरागढ़ के छोटे से गांव जमराड़ी सिमली में मंगलवार सुबह से मातम पसरा हुआ है। गोवा के एक नाइटक्लब में शनिवार रात लगी भीषण आग ने यहां के 28 साल के सुरेंद्र सिंह की जिंदगी छीन ली। घर में बन रहा नया आशियाना अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि खबर आई और सब कुछ राख हो गया।

सपनों का पीछा करते हुए गोवा पहुंचा था सुरेंद्र

सुरेंद्र कोई साधारण युवक नहीं था। पेशे से कुशल कुक, वह जर्मनी में चार साल तक होटल इंडस्ट्री में काम कर चुका था। विदेश से लौटने के बाद फिर जर्मनी जाने की तैयारी कर रहा था। वीजा के लिए आवेदन किया, लेकिन कागजों में छोटी-सी गलती की वजह से रिजेक्ट हो गया। दोबारा दस्तावेज ठीक करके अप्लाई किया था, इंतजार चल रहा था।

इसी बीच गांव और आसपास के शहरों में उसकी योग्यता के हिसाब से नौकरी और सैलरी नहीं मिल रही। बेंगलुरु के एक बड़े होटल ने 50 हजार महीना देने की बात कही, लेकिन बाद में सिर्फ 40 हजार ही मिले। फिर भी सुरेंद्र ने हार नहीं मानी और एक महीने पहले ही गोवा के नाइटक्लब में काम शुरू किया था।

खटीमा में बन रहा था नया घर, पत्नी मनीषा देख रही थी काम

सुरेंद्र की शादी को अभी तीन साल ही हुए थे। पत्नी मनीषा खटीमा के महोलिया इलाके में नया घर बनवा रही थी। पिछले एक साल से निर्माण चल रहा था। छत भी नहीं पड़ी थी कि ये हादसा हो गया। मनीषा दिनभर फोन लिए पति का कॉल इंतजार करती रही, लेकिन फोन नहीं आया। वह खुद बार-बार नंबर मिलाती रही, संपर्क नहीं हुआ। जब खबर मिली तो वह बेहोश हो गई। आज भी उसे यकीन नहीं हो रहा कि उसका सुरेंद्र इस दुनिया में नहीं रहा।

चार भाइयों में तीसरे नंबर का था सुरेंद्र

सुरेंद्र चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। दो भाई टैक्सी चलाते हैं। पिता अमर सिंह ने बताया कि बेटा बहुत मेहनती था। विदेश से कमाई करके घर लौटा, फिर भी चैन से नहीं बैठा। हमेशा परिवार को बेहतर जिंदगी देने के सपने देखता था। अब वो सारे सपने आग की लपटों में जल गए।

गोवा हादसे में उत्तराखंड के 9 युवा शहीद

गोवा के उस नाइटक्लब में हुई आग में कुल 25 लोगों की जान गई थी, जिनमें से 9 उत्तराखंड के थे। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और ऊधमसिंह नगर के युवा बेहतर रोजगार की तलाश में वहां गए थे। अधिकांश होटल और टूरिज्म सेक्टर में काम करते थे।

गांव में शोक की लहर, नेताओं ने जताया दुख

सुरेंद्र की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। विधायक मयूख महर, डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद और पूर्व अध्यक्ष दीपिका बोहरा सहित कई नेताओं ने परिवार से संपर्क कर गहरा दुख व्यक्त किया है।

परिजन आज शाम तक शव गांव आने की उम्मीद कर रहे हैं। उसके बाद अंतिम संस्कार होगा। एक मेहनती बेटा, प्यार करने वाला पति और सपने बुनता युवा चला गया। बस यादें रह गईं और अधूरा घर।

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