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अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड ने भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई

By Rajat Sharma

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देहरादून। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा (पंजी) उत्तराखंड के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने आज प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के विरोध में महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस अधीक्षक नगर देहरादून, श्री प्रमोद कुमार को प्रार्थना पत्र सौंपकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

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प्रतिनिधि मंडल के अनुसार, संतोष वर्मा ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था, “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी का दान न कर दे या मेरे बेटे से संबंध न बनवा दे, तब तक आरक्षण जारी रहे।” यह अभद्र टिप्पणी ब्राह्मण समाज की महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण और अपमानजनक है।

महासभा ने यह भी स्पष्ट किया कि संतोष वर्मा का संबंध आजक्स संगठन के अध्यक्ष से गलत तरीके से जोड़ा गया है; संगठन के वास्तविक अध्यक्ष अशोक वर्मा ने इसका खंडन किया है और बताया कि संतोष वर्मा के खिलाफ पहले से ही कई मुकदमे चल रहे हैं और वे छह महीने की सजा भी काट चुके हैं।

खिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने इस प्रकार के अधिकारी की कड़ी निंदा की है और पुलिस से अनुरोध किया है कि संबंधित मुकदमों और पिछली सजाओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।

प्रार्थना पत्र सौंपने वालों में प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, प्रदेश महासचिव उमाशंकर शर्मा, प्रदेश संरक्षक सुरेंद्र दत्त शर्मा, पं. लालचंद शर्मा, सीताराम नौटियाल, विजेंद्र प्रसाद ममगई, दिलीप राणा, चरणजीत चढ्ढा, कार्तिक गुप्ता, डी पी उपाध्याय, कार्तिक नौटियाल, दुष्यंत थपलियाल, मनोज कुमार शर्मा, संदीप धूलिया, सत्येंद्र दीक्षित, त्रिलोक नाथ तिवारी, सचिन दीक्षित, एन.के.गुप्ता, बॉबी धीमान, मोहिन, अमर सिंह यादव समेत अन्य कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। यह कदम समाज की महिलाओं के सम्मान की रक्षा और अनुचित टिप्पणी के खिलाफ सख्त संदेश बताने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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