Gautam Gambhir Criticism : साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में टीम इंडिया सिर्फ ढाई दिन में ही घुटने टेक चुकी है और अब चारों तरफ से आलोचनाओं की बौछार हो रही है। बल्लेबाजों की क्लास तो लग ही रही है, लेकिन सबसे ज्यादा निशाने पर हैं हेड कोच गौतम गंभीर। टीम इंडिया की कमान संभालने के सिर्फ एक साल के अंदर घर में यह चौथी हार है और उनके कई फैसले सवालों के घेरे में हैं।
अब गंभीर के बचाव में उनके असिस्टेंट कोच सितांशु कोटक मैदान में कूद पड़े हैं, लेकिन कोच को बचाते-बचाते उन्होंने ऐसा बयान दे डाला कि हर कोई दंग रह गया। सारा दोष उन्होंने सीधे खिलाड़ियों के मत्थे मढ़ दिया।
गुवाहाटी टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मचा बवाल
22 नवंबर से गुवाहाटी में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट से ठीक दो दिन पहले टीम इंडिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितांशु कोटक पहुंचे। कोलकाता हार का जिक्र आते ही वो गौतम गंभीर के समर्थन में पूरी तरह उतर आए। असिस्टेंट कोच से यही उम्मीद भी थी कि वो हेड कोच का पक्ष लेंगे और आलोचना को गलत बताएंगे। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कोच को बचाने के चक्कर में वो खिलाड़ियों पर ही तंज कस देंगे।
“गौतम गंभीर… गौतम गंभीर चिल्ला रहे हैं लोग, ये गलत है!”
कोटक ने गंभीर के आलोचकों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “सब गौतम गंभीर… गौतम गंभीर कर रहे हैं। मैं स्टाफ का हिस्सा हूं, मुझे बुरा लगता है। ये सही तरीका नहीं है। कुछ लोगों का अपना एजेंडा हो सकता है, उन्हें शुभकामनाएं, लेकिन ये बहुत गलत है।” यहां रुकते तो ठीक था, लेकिन कोटक यहीं नहीं थमे। उन्होंने बल्लेबाजों और गेंदबाजों को कठघरे में खड़ा कर दिया।
उनका साफ कहना था, “कोई यह नहीं बोल रहा कि इस बल्लेबाज ने गलत शॉट खेला, उस गेंदबाज ने लाइन-लेंथ खराब रखी या हम बैटिंग में कुछ और बेहतर कर सकते थे।”
द्रविड़-शास्त्री को भी सुननी पड़ी थी आलोचना, गंभीर खुद करते थे तीखे सवाल
सितांशु कोटक का यह बयान सुनकर हर कोई हैरान है क्योंकि कोच की आलोचना कोई नई बात नहीं। इससे पहले राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज को भी कोचिंग के दौरान कई फैसलों पर खरी-खोटी सुननी पड़ी थी। उससे पहले रवि शास्त्री के लंबे कार्यकाल में भी आलोचना का शोर खूब हुआ था और मजेदार बात ये कि उस वक्त आलोचना करने वालों में खुद गौतम गंभीर भी आगे-आगे थे।










