Al Falah University : लाल किला विस्फोट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे रोज नए-नए राज खुलते जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर यह है कि जांच एजेंसियों की तीखी नजरें फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी पर टिकी हुई हैं।
एजेंसियां यहां लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, वो चौंकाने वाली हैं – दिल्ली में धमाका करने वाला मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी अचानक 6 महीने के लिए यूनिवर्सिटी से गायब हो गया था। हैरानी की बात ये कि उसे यूनिवर्सिटी में खास सुविधाएं भी मिलती थीं।
जांच एजेंसियां अब ये पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यूनिवर्सिटी के अंदर कोई ‘हैंडलर’ था? वजह साफ है – डॉ. उमर को अल फलाह यूनिवर्सिटी में ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ मिलता था। सूत्र बताते हैं कि यूनिवर्सिटी के 200 से ज्यादा डॉक्टर और स्टाफ जांच के दायरे में आ गए हैं।
यूनिवर्सिटी के दो डॉक्टरों ने किए बड़े खुलासे
यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस करके वहीं अप्रेंटिसशिप कर रहे दो डॉक्टरों ने पूछताछ में सनसनीखेज बातें बताईं। उन्होंने कहा कि साल 2023 में डॉ. उमर बिना कुछ बताए और बिना छुट्टी लिए करीब 6 महीने तक अस्पताल व यूनिवर्सिटी से गायब रहा। चौंकाने वाली बात ये कि वो लौटा तो सीधे ड्यूटी जॉइन कर ली। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठता है कि आखिर वो 6 महीने कहां गायब था?
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि इस तरह की अनुशासनहीनता पर भी कोई एक्शन नहीं लिया। डॉ. उमर को जो स्पेशल ट्रीटमेंट मिलता था, उसमें एक और बात सामने आई – वो हफ्ते में सिर्फ एक या दो लेक्चर लेता था, वो भी महज 15-20 मिनट के। फिर अपने रूम में चला जाता था। दूसरे लेक्चरर को ये पसंद नहीं आता था क्योंकि वो पूरे टाइम क्लास लेते थे।
हमेशा मिलती थी नाइट शिफ्ट, सुबह कभी नहीं
अस्पताल के डॉक्टरों ने एक और बड़ा राज खोला – डॉ. उमर को अस्पताल में हमेशा शाम या रात की शिफ्ट दी जाती थी। सुबह की शिफ्ट कभी नहीं मिली। अब सवाल ये कि ये सारी सुविधाएं उसे किसके इशारे पर मिल रही थीं? क्या यूनिवर्सिटी में कोई हैंडलर था? एजेंसियां इसी रहस्य को सुलझाने में जुटी हैं।
यूनिवर्सिटी में लगा जांच एजेंसियों का डेरा
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अल फलाह यूनिवर्सिटी में एनआईए के साथ-साथ कई जांच टीमें काम कर रही हैं। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, यूपी एटीएस, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमें लगातार यूनिवर्सिटी आ-जा रही हैं। इस मामले में ईडी भी कूद पड़ी है और अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्र बता रहे हैं कि सभी जांच टीमें यूनिवर्सिटी के अंदर ही अस्थायी कमांड सेंटर बना चुकी हैं।










