Multani Mitti For Skin : चेहरे पर तुरंत ग्लो लाने के लिए लोग कई महंगे प्रोडक्ट्स ट्राय करते हैं, लेकिन कई बार रिज़ल्ट वैसा नहीं मिलता जैसा हम चाहते हैं।
ऐसे में मुल्तानी मिट्टी एक ऐसी नैचुरल चीज़ है, जो सौंदर्य के पारंपरिक नुस्खों में सदियों से इस्तेमाल होती आई है। यह त्वचा से अतिरिक्त तेल, गंदगी और टैनिंग को हल्के से साफ करके चेहरा अधिक फ्रेश, स्मूद और ग्लोइंग बनाती है।
मुल्तानी मिट्टी में पाए जाने वाले मैग्नीशियम, सिलिका, कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल्स त्वचा को प्राकृतिक पोषण देते हैं और इसे एक तरह से डीटॉक्सिफाई भी करते हैं।
नियमित और सही उपयोग से स्किन का टेक्सचर बेहतर होता है और नेचुरल ब्राइटनेस भी बढ़ती है।
ग्लोइंग स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक
अगर त्वचा डल लग रही हो या चेहरे पर नैचुरल ब्राइटनेस नहीं दिख रही हो, तो यह पैक काफी असरदार माना जाता है। इसके लिए मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा गुलाब जल और कुछ बूंदें नींबू रस की मिलाएँ।
यह हल्का-सा ठंडक देने वाला पैक त्वचा को तरोताज़ा करता है। 10–15 मिनट चेहरे पर रखने के बाद ठंडे पानी से धोने पर स्किन साफ और ग्लोइंग दिखाई देती है।
पिंपल्स को शांत करने वाला पैक
पिंपल्स या मुहांसों की समस्या हो तो मुल्तानी मिट्टी को नीम पाउडर और हल्दी के साथ मिलाया जाता है। यह मिश्रण त्वचा की गहराई तक जाकर तेल को नियंत्रित करता है और पिंपल्स की जलन भी कम करता है। नियमित उपयोग से चेहरे पर बार-बार होने वाले मुहांसों में भी राहत मिलती है।
ड्राई स्किन वालों के लिए मुलायम पैक
ड्राई स्किन पर सिर्फ मुल्तानी मिट्टी लगाने से स्किन और अधिक खिंची हुई महसूस हो सकती है। इसलिए इसमें दूध और शहद मिलाकर एक क्रीमी-सा पेस्ट बनाया जाता है।
यह त्वचा को नमी देता है, रूखापन कम करता है और चेहरा अधिक नरम महसूस होता है। सूखने पर इसे हल्के हाथों से धोना बेहतर रहता है ताकि त्वचा पर अनावश्यक खिंचाव न पड़े।
टैनिंग हटाने के लिए प्राकृतिक पैक
चेहरे या गर्दन पर टैनिंग हो जाए तो मुल्तानी मिट्टी में टमाटर रस और एलोवेरा जेल मिलाकर एक हल्का-सा पैक तैयार किया जा सकता है।
यह त्वचा पर ठंडक देता है, टैन को धीरे-धीरे लाइट करता है और चेहरा पहले की तुलना में साफ दिखाई देने लगता है। लगभग 15 मिनट लगाने के बाद इसे धोकर मॉइस्चराइज़र लगाना न भूलें।
मुल्तानी मिट्टी का सही उपयोग—कुछ ज़रूरी बातें
मुल्तानी मिट्टी से अच्छे नतीजे पाने के लिए इसे हफ्ते में दो बार से ज्यादा नहीं लगाना चाहिए। हमेशा ताज़ी मुल्तानी मिट्टी का उपयोग करें और पैक को चेहरे पर पूरी तरह सूखने न दें, वरना त्वचा खिंच सकती है।
हल्के गीले कपड़े से पैक हटाना बेहतर माना जाता है। इसके बाद स्किन पर मॉइस्चराइज़र लगाना ज़रूरी है, ताकि त्वचा नमी बनाए रख सके।
इन सावधानियों का ध्यान रखें
अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई है, तो मुल्तानी मिट्टी का बार-बार उपयोग न करें। पहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है ताकि किसी तरह की एलर्जी न हो।
आँखों और होंठों के आसपास यह पैक लगाने से बचें, क्योंकि इस हिस्से की त्वचा काफी नाजुक होती है।











