Digestion Problem : अक्सर लोग सोचते हैं कि घर का खाना हमेशा हल्का और पचने में आसान होता है, लेकिन यह सच नहीं है। जब दाल-चावल या दही-चावल जैसे फूड कॉम्बिनेशन गलत तरीके से खाए जाते हैं, तो यह पेट में गैस और एसिडिटी की समस्या बढ़ा सकते हैं।
उदाहरण के लिए, दही या डोसा जैसे फर्मेंटेड फूड्स का हैवी स्टार्च वाले फूड के साथ खाना डाइजेशन को स्लो कर देता है और पेट में गैस बनने का कारण बनता है।
जल्दीबाजी में खाना और लेट नाइट डिनर
लंच में जल्दीबाजी और रात को देर से खाना खाना भी डाइजेशन पर बुरा असर डालता है। हमारी बॉडी का बॉयो-लॉजिकल क्लॉक या सर्केडियन रिदम यह तय करता है कि कब एसिड प्रोड्यूस होगा और कब खाना पचेगा।
जल्दी या देर से खाने से यह सिस्टम कन्फ्यूज हो जाता है और पेट में एसिडिटी बढ़ने लगती है।
ठंडा और गर्म खाना एक साथ
कुछ लोग ठंडी लस्सी या ठंडा पानी गरम पराठे या बिरियानी के साथ लेते हैं। इसके अलावा, फ्रिज में रखे खाने को बिना गर्म किए ही खाना भी पेट में गैस और अपच को बढ़ाता है। ऐसा करने से पेट की एनज़ाइम एक्टिविटी स्लो हो जाती है और खाना पूरी तरह से पच नहीं पाता।
अलग-अलग चीजें एक साथ खाना
अलग-अलग प्रकार के फूड्स को एक साथ खाना भी पेट को नुकसान पहुंचा सकता है। जब शरीर एक साथ कई तरह के फूड्स को पचाने की कोशिश करता है, तो डाइजेशन स्लो हो जाता है और अनडाइजेस्टेड खाना पेट में जमा रह जाता है। यह गैस, अपच और भारीपन की समस्या को जन्म देता है।
ध्यान न देकर खाना
आजकल लोग अक्सर मोबाइल स्क्रॉल करते हुए या सिर्फ 5 मिनट में खाना खत्म कर लेते हैं।
ऐसा करने से बॉडी को खाना पचाने का सही समय नहीं मिलता और डाइजेशन प्रोसेस कन्फ्यूज हो जाता है। इसका नतीजा होता है पेट में भारीपन और गैस।
डेयरी, ग्लूटन और हाई फैट फूड
डेयरी प्रोडक्ट्स, ग्लूटन या ज्यादा फैट वाले मील्स भी गैस और एसिडिटी बढ़ाते हैं। यदि पेट पहले से ही संवेदनशील है, तो ऐसे फूड्स से परहेज करना ही बेहतर है।
पेट को हेल्दी रखने के लिए खाने की आदतों पर ध्यान दें। धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से खाना खाएं, फूड कॉम्बिनेशन सही रखें, और खाने के बाद थोड़ा चलना भी फायदेमंद है।
इससे पेट की गैस और एसिडिटी की समस्या कम होती है और डाइजेशन बेहतर रहता है।











