Wall Clock Vastu : रिश्तों में खटास, पैसों की कमी या नौकरी में रुकावट जैसे हालात अक्सर हमें यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि “समय खराब चल रहा है।”
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे आपके घर में लगी एक दीवार की घड़ी भी जिम्मेदार हो सकती है? वास्तुशास्त्र में घर की घड़ी को सिर्फ समय देखने का साधन नहीं माना गया है।
यह आपके जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करने वाला एक अहम तत्व है।
दक्षिण दिशा में घड़ी लगाना है अशुभ
अगर आपने अपने घर की दक्षिण दिशा की दीवार पर घड़ी लगा रखी है, तो इसे तुरंत हटाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा पितरों और यमराज से जुड़ी मानी जाती है।
इस दिशा में घड़ी लगाने से जीवन में रुकावटें बढ़ सकती हैं, परिवार की उन्नति रुक सकती है और बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह दिशा घड़ी लगाने के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।
कौन सी दिशा है शुभ – तरक्की और समृद्धि लाने वाली
वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में घड़ी लगाने के लिए कुछ दिशाएँ विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती हैं।
उत्तर दिशा: धन, करियर और उन्नति की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में घड़ी लगाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
पूर्व दिशा: सूर्य की दिशा, नई ऊर्जा और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक। यहाँ घड़ी लगाने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
पश्चिम दिशा: स्थिरता और दीर्घकालिक सफलता की दिशा। इस दिशा में घड़ी लगाना घर में सुख-समृद्धि और लंबे समय तक सफलता लाने में मदद करता है।
इन दिशाओं में सही प्रकार की घड़ी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और जीवन में तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
मेन दरवाजे के ऊपर घड़ी न लगाएँ
कई लोग घड़ी को घर के मुख्य दरवाजे या गेट के ऊपर लगाते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार यह बहुत अशुभ है। इससे घर में आने-जाने वाले लोगों की ऊर्जा प्रभावित होती है और घर का माहौल अस्थिर हो जाता है।
पैसों की कमी और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। यदि आप चाहते हैं कि प्रवेश करते समय आपकी नजर घड़ी पर पड़े, तो इसे मेन गेट के सामने की दीवार पर लगाएँ, लेकिन दक्षिण दिशा बिल्कुल न हो।
टूटी या रुकी हुई घड़ी – घर में नकारात्मक ऊर्जा
घड़ी हमेशा सही समय दिखानी चाहिए। टूटी या रुकी हुई घड़ी घर में नकारात्मक ऊर्जा लाती है और तरक्की में बाधा डालती है।
ध्यान देने योग्य बातें
यदि घड़ी का कांच टूटा हुआ है, तुरंत बदलें। धीरे चलने वाली घड़ी भी अशुभ मानी जाती है। यह पैसों और अवसरों की गति को धीमा कर देती है।
घड़ी हमेशा समय के अनुसार सही या 1-2 मिनट आगे रखी जाए, कभी पीछे न।
शुभ घड़ी कैसी होनी चाहिए
घड़ी खरीदते समय सिर्फ डिज़ाइन और ब्रांड पर ध्यान न दें। आकार और रंग भी महत्व रखते हैं। गोल, अंडाकार या अष्टकोणीय घड़ी शुभ मानी जाती है।
पेंडुलम वाली घड़ी सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है। सफेद, हल्का नीला या सिल्वर रंग की घड़ी शांति और स्थिरता का प्रतीक है।
सही दिशा और सही प्रकार की घड़ी लगाने से घर में खुशहाली, तरक्की और अच्छे अवसर आने लगते हैं।
समय हमेशा आगे रखें
वास्तु के अनुसार, घड़ी का समय कभी पीछे नहीं होना चाहिए। 1-2 मिनट आगे रखना शुभ माना जाता है। पीछे चलने वाली घड़ी जीवन में रुकावटें लाती है और इंसान हमेशा पिछड़ता रहता है।











