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बांग्लादेश में Sheikh Hasina को मौत की सजा, बोली – हमें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया

By Rajat Sharma

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Sheikh Hasina death sentence : बांग्लादेश में Sheikh Hasina death sentence (शेख हसीना को मौत की सजा) के फैसले ने सियासी हंगामा मचा दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कोर्ट के इस फैसले पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने न सिर्फ फैसले की कड़ी निंदा की, बल्कि मौजूदा यूनुस सरकार को भी जमकर घेरा।

हसीना का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का कोई मौका ही नहीं दिया गया। ढाका की अदालत के इस फैसले को उन्होंने ‘ठगी’ करार दिया और इसे पूर्व निर्धारित बताया। साथ ही, इसे एक गैर-निर्वाचित सरकार का अलोकतांत्रिक परिणाम ठहराया।

कोर्ट का फैसला: मौत की सजा क्यों?

गौरतलब है कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (International Crimes Tribunal-BD या ICT-BD) ने Sheikh Hasina death sentence (शेख हसीना को मौत की सजा) सुनाई है। यह सजा पिछले साल सरकार के खिलाफ हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान की घातक कार्रवाई के लिए दी गई है। ट्रिब्यूनल ने हसीना के अलावा पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी फांसी की सजा सुनाई। दोनों को मानवता के खिलाफ विभिन्न अपराधों का दोषी पाया गया। शेख हसीना इस वक्त भारत में रह रही हैं और उनकी अनुपस्थिति में ही उनके खिलाफ मुकदमा चला।

ढाका में तनाव: फैसले से पहले हिंसा की घटनाएं

बांग्लादेश में Sheikh Hasina death sentence (शेख हसीना को मौत की सजा) के फैसले से ठीक पहले हालात गंभीर हो गए थे। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध कथित अपराध के मामले में विशेष न्यायाधिकरण के फैसले से पहले सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच सोमवार को हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं।

सामान्य दिनों में सुबह-सुबह ट्रैफिक जाम से परेशान रहने वाली राजधानी ढाका की सड़कें सोमवार को सुनसान रहीं। सिर्फ कुछ कारें और रिक्शे ही सख्त निगरानी वाले चौराहों से गुजरते नजर आए। लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीता, शहर में हिंसा भड़क उठी।

हिंसा की आग: सड़कों पर अफरा-तफरी

प्रदर्शनकारियों ने सड़कें ब्लॉक करने के लिए पेड़ों के तने काटे और टायरों में आग लगाई। ढाका के कई इलाकों में देसी बमों के धमाके सुनाई दिए। देश के बाकी हिस्सों से भी ऐसी ही हिंसा की खबरें आईं। Sheikh Hasina death sentence (शेख हसीना को मौत की सजा) ने न सिर्फ राजनीतिक बहस छेड़ी है, बल्कि सड़कों पर भी तनाव बढ़ा दिया है।

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