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Kerala BLO Suicide Protest : कन्नूर बीएलओ की आत्महत्या के बाद केरल में कर्मचारी संगठनों का हड़ताल ऐलान

By Rajat Sharma

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Kerala BLO Suicide Protest : केरल में सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरी तरह से ठप हो गया। वजह बनी बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) का जबरदस्त विरोध। कन्नूर में एक BLO की खुदकुशी के बाद राज्य भर के सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और NGO यूनियन ने काम बंद करने का ऐलान कर दिया। कर्मचारी संगठनों ने साफ कह दिया कि आज कोई भी BLO कोई काम नहीं करेगा।

कांग्रेस का गंभीर आरोप: CPI(M) कार्यकर्ताओं ने दी थी धमकी

विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने तो सीधा आरोप लगाया कि मरने वाले BLO अनीश जॉर्ज को CPI(M) के कार्यकर्ताओं ने धमकाया था, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली। सतीशन ने कहा, “जब हमारे कांग्रेस के बूथ एजेंट उनके साथ घूमने लगे तो CPI(M) वालों ने जॉर्ज को डराना-धमकाना शुरू कर दिया।

असल में वो कांग्रेस के पारंपरिक वोटरों के नाम कटवाना चाहते हैं।” उन्होंने चुनाव आयोग से BLO की सुरक्षा की मांग की और बताया कि ज्यादातर BLO महिलाएं हैं, जिन्हें एक-एक घर में कई-कई बार जाना पड़ता है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

सोमवार को पूरे राज्य में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर और सभी जिला कलेक्ट्रेट पर कर्मचारी संगठनों ने विरोध मार्च निकाला। उनका कहना है कि SIR का इतना भारी काम और आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों का दबाव BLO को तोड़कर रख रहा है।

कई पार्टियों और संगठनों ने SIR को टालने की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने साफ इनकार कर दिया। उल्टा, बहुत कम समय में भारी-भरकम टारगेट थोप दिए गए। संगठनों ने कहा, “ये दबाव BLO को आत्महत्या की ओर धकेल रहा है।”

कन्नूर में क्या हुआ था?

कन्नूर के पय्यान्नूर में 44 साल के BLO अनीश जॉर्ज का शव रविवार को उनके घर में फांसी पर लटका मिला। परिवार और इलाके के लोगों का कहना है कि SIR के काम के भयानक दबाव की वजह से उन्होंने ये कदम उठाया। वी.डी. सतीशन ने मामले की गहन जांच की मांग की है और कहा है कि सभी BLO पर काम का बोझ असहनीय हो गया है।

चुनाव आयोग का दावा: 97% से ज्यादा घरों में पहुंचे फॉर्म

चुनाव आयोग ने रविवार को बताया कि 9 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 51 करोड़ वोटरों में से 49.73 करोड़ से ज्यादा घरों में गणना फॉर्म बांटे जा चुके हैं। यानी कुल 50.99 करोड़ वोटरों में से 97.52% तक फॉर्म पहुंच गए हैं। इनमें केरल के अलावा छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप शामिल हैं।

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