Indian Citizen Kidnapped in Sudan : सूडान में चल रहे भयंकर गृहयुद्ध के बीच एक दिल दहला देने वाली खबर आई है। एक भारतीय नागरिक को अगवा कर लिया गया है। खबरों की मानें तो RSF यानी रैपिड सपोर्ट फोर्स ने जिस शख्स को किडनैप किया है, वह ओडिशा का रहने वाला है और सूडान में पिछले 2 साल से एक फैक्ट्री में काम कर रहा है। एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह हाथ जोड़कर बैठा है और ओडिशा सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है। उसका कहना है कि दो साल से सूडान में उसकी हालत बेहद खराब है।
सूडान अप्रैल 2023 से सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और RSF के बीच भयंकर संघर्ष की चपेट में है। दोनों पक्षों के बीच लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं।
कौन हैं आदर्श बेहरा
सूडान में अगवा किए गए शख्स का नाम आदर्श बेहरा है। वह ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले का निवासी है। पीटीआई भाषा की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि उन्हें खारतूम से करीब 1,000 किलोमीटर दूर अल फशीर से अगवा किया गया था और माना जा रहा है कि दक्षिण दारफुर में RSF के गढ़ न्याला ले जाया गया था।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, 36 साल के बेहरा साल 2022 से सूडान में काम कर रहे हैं। वह यहां सुकृति प्लास्टिक फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। चैनल से बातचीत में उनकी पत्नी सुष्मिता ने बताया कि उनके 8 और 3 साल के दो बेटे हैं।
क्या है RSF
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह समूह कथित जंजावीद मिलिशिया से बना है, जो साल 2000 में दारफुर क्षेत्र में संघर्ष में शामिल था। हैरानी की बात है कि वहां की सरकार ही विद्रोह रोकने के लिए इनका इस्तेमाल कर रही थी। इस संघर्ष में 3 लाख लोगों की मौत हो गई थी और इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों और मिलिशिया के कमांडरों पर आरोप लगाए थे।
समय के साथ यह बढ़ता गया और साल 2013 में RSF में बदल गया था। उस दौरान इसके बलों का इस्तेमाल सीमा सुरक्षा के लिए होता था। साल 2015 में RSF ने सूडान की सेना के साथ मिलकर सैनिकों को युद्ध में यमन भेजना शुरू कर दिया था। उसी साल समूह को रेग्युलर फोर्स का दर्जा मिला। साल 2017 में RSF को स्वतंत्र सुरक्षा बल का दर्जा देने वाला कानून पास किया गया।
दारफूर के अलावा RSF को दक्षिण कोरदोफान जैसे इलाकों में भी भेजा गया, जहां उसपर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगे। 2015 की रिपोर्ट में ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस बल को ‘निर्दयी लोग’ बताया था।
आगे क्या
भारत में सूडान के राजदूत मोहम्मद अब्दुल्ला अली एल्टॉम ने कहा कि उनका देश सूडान के अधिकारियों और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। पीटीआई भाषा से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘जब से भारतीय नागरिक के पकड़े जाने की खबरें सामने आई हैं, तब से हम भारतीय विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं।
इससे पहले भी, सूडान के एक शहर की घेराबंदी के दौरान, मंत्रालय ने वहां एक अन्य भारतीय नागरिक के बारे में हमसे संपर्क किया था, जिसने उन 500 दिनों के दौरान बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया था।’
एल्टॉम ने कहा, ‘हम जानते हैं कि हमें क्या करना है। और हमने देखा है कि वे क्या करने में सक्षम हैं। हमें उम्मीद है कि उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाएगा। और हमें उम्मीद है कि हम उन्हें जल्द ही सुरक्षित वापस आते हुए देख पाएंगे।’
अस्पताल में 400 से ज्यादा लोगों की हत्या
अक्तूबर में RSF ने सूडान के एक मुख्य अस्पताल में सैकड़ों नागरिकों की हत्या कर दी थी। WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने भी कहा था कि वह 460 लोगों की कथित हत्या से सदमें में हैं।
इससे पहले सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने कहा था कि मंगलवार को RSF लड़ाकों ने सऊदी अस्पताल के अंदर मिले सभी लोगों की निर्मम हत्या कर दी, जिनमें मरीज, उनके साथी और वहां मौजूद कोई भी अन्य व्यक्ति शामिल था।











