देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

US Venezuela Tension : अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ कैरेबियन में USS जेराल्ड फोर्ड तैनात किया

By Rajat Sharma

Published on:


Advertisement

US Venezuela Tension : अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव अब हद पार कर गया है। अमेरिका ने कैरेबियन सागर में अपना मॉन्स्टर एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड फोर्ड तैनात कर दिया है। इसके साथ ही 8 युद्धपोत, एक परमाणु पनडुब्बी और 75 F-35 लड़ाकू विमान भी मोर्चे पर पहुंचा दिए गए हैं। इन सब पर करीब 5000 सैनिक तैनात हैं।

जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि कैरेबियन सागर में अमेरिका की ये तैनाती पूरे लैटिन अमेरिका में राजनीतिक आग लगा सकती है। वेनेजुएला के बहाने राष्ट्रपति ट्रंप पूरी दुनिया को अपनी ताकत का लोहा मनाने पर तुले हुए हैं।

वेनेजुएला पर नशा तस्करों को पनाह देने का गंभीर आरोप

कैरेबियन सागर में अमेरिकी सेना की ये तैनाती आज तक का सबसे बड़ा एंटी-नारकोटिक्स मिशन यानी मादक पदार्थ रोधी अभियान बताया जा रहा है। साथ ही ये अमेरिका की अब तक की सबसे भारी सैन्य कार्रवाई भी है। वजह साफ है – डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने निकोलस मादुरो के नेतृत्व वाली वेनेजुएला सरकार पर नशा तस्करों को शरण देने का सीधा आरोप लगाया है।

दोनों देशों का विवाद तब चरम पर पहुंचा, जब ड्रग तस्करी का हब मानते हुए ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही वेनेजुएला को नार्को-टेरर कार्टेल घोषित कर दिया। ऊपर से ट्रेन डे अरागुआ गैंग को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) का तमगा थमा दिया। ये कदम तनाव को और भड़काने वाले साबित हो रहे हैं।

चुनाव में मादुरो की जीत को ट्रंप ने धांधली करार दिया

जुलाई 2024 में वेनेजुएला में राष्ट्रपति चुनाव हुए थे, जहां निकोलस मादुरो ने अपनी जीत का दावा किया और सरकार बनाने का ऐलान ठोंका। लेकिन अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने इसे फर्जी बताया और विपक्षी नेता एडमुंडो गोंजालेज को असली विजेता करार दिया। जनवरी 2025 में जब मादुरो सरकार का तीसरा कार्यकाल शुरू हुआ, तो अमेरिका ने जवाब में वेनेजुएला पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध जड़ दिए।

फिर बात बिगड़ी जब विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला। मादुरो सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए नॉर्वे में अपना दूतावास ही बंद कर दिया। इसके बाद सैन्य तैनाती, हवाई हमले और कूटनीतिक टकरावों ने जोर पकड़ लिया। अब हालात ऐसे हैं कि किसी भी वक्त बड़ा धमाका हो सकता है।

Leave a Comment