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High Cortisol Effects : गुस्से और तनाव से शरीर में होते हैं ये बदलाव, महिलाओं को खास ध्यान देना चाहिए

By Rajat Sharma

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High Cortisol Effects : आजकल की तेज़-तर्रार जिंदगी में तनाव और गुस्सा आम बात हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके बढ़ते तनाव का आपके शरीर पर गहरा असर पड़ता है?

इसे हम आम भाषा में “स्ट्रेस हार्मोन” कहते हैं, जिसका नाम है कॉर्टिसोल। यह हार्मोन महिलाओं में हार्मोनल इम्बैलेंस का एक मुख्य कारण बन सकता है।

कॉर्टिसोल सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य पर असर नहीं डालता बल्कि यह शरीर के कई हिस्सों में नकारात्मक प्रभाव डालता है। अगर लंबे समय तक इसका स्तर बढ़ा रहे, तो यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

आइए विस्तार से जानते हैं, महिलाओं में हाई कॉर्टिसोल लेवल के लक्षण और इसके प्रभाव।

महिलाओं में कॉर्टिसोल का असर: बालों की समस्या

क्रॉनिक स्ट्रेस के कारण महिलाओं में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है। यह एड्रेनल ग्लैंड्स को प्रभावित करता है और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन के उत्पादन को बढ़ा देता है।

इसका परिणाम यह होता है कि चिन, अपर लिप, गाल और पीठ पर अनचाहे बाल उगने लगते हैं। इसके अलावा, बालों का गिरना या कमजोर होना भी कॉर्टिसोल बढ़ने से जुड़ा हुआ लक्षण है।

शरीर में फ्लूइड रिटेंशन और ब्लड प्रेशर का बढ़ना

जब कॉर्टिसोल का स्तर अधिक होता है, तो शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ जाता है। इससे ब्लड प्रेशर भी सामान्य से ज्यादा बढ़ सकता है।

लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर का असर हार्ट और किडनी पर भी पड़ सकता है।

सूजन और पेट में ब्लॉटिंग

कॉर्टिसोल का अधिक होना शरीर में सूजन और ब्लॉटिंग का कारण बन सकता है।पेट में भारीपन और गैस की समस्या आम हो जाती है।

हाथ-पांव और चेहरे में सूजन देखी जा सकती है।

आंखों के नीचे बैग और थकान

हाई कॉर्टिसोल लेवल के कारण आंखों के नीचे डार्क सर्कल और पफीनेस बढ़ जाती है। इससे चेहरे पर थकान और बुढ़ापे के लक्षण जल्दी नजर आने लगते हैं।

नींद की समस्या और ऊर्जा की कमी भी कॉर्टिसोल से जुड़ी है।

मसल्स कमजोरी और खराब पोश्चर

कॉर्टिसोल बढ़ने से मसल्स टिश्यू टूटने लगते हैं। हाथ और पैरों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

लंबे समय तक हाई कॉर्टिसोल होने पर शरीर कमजोर और झुका हुआ दिखने लगता है।

स्किन की समस्या: ऑयली स्किन और एक्ने

हाई कॉर्टिसोल के कारण स्किन ऑयली हो जाती है। इसके साथ एक्ने, सोरायसिस और एक्जिमा जैसी त्वचा की समस्या बढ़ सकती है।

स्ट्रेच मार्क्स भी तेजी से दिखाई देने लगते हैं।

वजन बढ़ना: चेहरे और मिड सेक्शन

कॉर्टिसोल लेवल ज्यादा होने पर शरीर के मिड सेक्शन में वेट तेजी से बढ़ता है। पेट और कमर का वेट जल्दी बढ़ता है।

चेहरे पर भी सूजन और वेट बढ़ने के कारण उम्र से ज्यादा बूढ़ा दिखने लगता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

कॉर्टिसोल सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। लंबे समय तक हाई कॉर्टिसोल से डिप्रेशन, एंगर और तनाव बढ़ता है।

ध्यान और याददाश्त की क्षमता भी प्रभावित होती है।

शरीर को कैसे रखें संतुलित

नियमित योग और मेडिटेशन करें। पर्याप्त नींद लें और स्ट्रेस को कंट्रोल करने की कोशिश करें। संतुलित आहार में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स शामिल करें।

जंक फूड, अत्यधिक कैफीन और शराब से बचें।

हाई कॉर्टिसोल महिलाओं के शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा है। इसे कंट्रोल करना ज़रूरी है ताकि आप ना केवल स्वस्थ दिखें बल्कि अपने जीवन में खुश और एनर्जेटिक भी रहें।

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