देश विदेश क्राइम उत्तराखंड मनोरंजन बिज़नेस ऑटो टेक्नोलॉजी खेल धर्म हेल्थ लाइफस्टाइल ई - पेपर

Tea Health Effects : सुबह-सुबह कड़क चाय पीना बन सकता है सेहत के लिए खतरा, जानें छिपे नुकसान

By Rajat Sharma

Published on:


Advertisement

Tea Health Effects : भारत में सुबह की शुरुआत बिना चाय के अधूरी मानी जाती है। नींद खुलते ही कई लोगों को सबसे पहले एक कप कड़क चाय चाहिए होती है।

चाहे ऑफिस की थकान मिटानी हो या किसी दोस्त के साथ गपशप करनी हो, चाय हर मौके का हिस्सा बन चुकी है। लेकिन अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो दिन में कई बार कड़क दूध वाली चाय पीते हैं, तो ज़रा संभल जाइए — क्योंकि यही आदत आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकती है।

ज्यादा देर तक उबाली गई चाय क्यों है हानिकारक?

अक्सर लोग मानते हैं कि ज्यादा देर तक उबली हुई चाय का स्वाद और सुगंध बेहतर होती है, जबकि सच्चाई इससे उलट है।

जब चाय को लंबे समय तक उबाला जाता है, तो उसमें मौजूद टैनिन (Tannin) की मात्रा बढ़ जाती है।

टैनिन न केवल ब्लड प्रेशर बढ़ाने का कारण बन सकता है, बल्कि यह शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को भी प्रभावित करता है।

हाई बीपी का खतरा

ज्यादा देर तक उबली हुई चाय पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। खासतौर पर जो लोग पहले से हाई बीपी से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह और भी खतरनाक हो सकता है।

बार-बार चाय को गर्म करके पीना भी उतना ही हानिकारक है, क्योंकि इससे टैनिन की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है।

हड्डियों और दांतों पर बुरा असर

कड़क चाय में मौजूद टैनिन और अन्य रासायनिक तत्व शरीर में कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल्स के अवशोषण को रोकते हैं। इसका सीधा असर आपकी हड्डियों और दांतों पर पड़ता है।

लंबे समय तक अत्यधिक चाय पीने वालों में हड्डियों का कमजोर होना, दांतों का पीलापन और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं आम देखी जाती हैं।

खत्म हो जाते हैं जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स

जब आप दूध वाली चाय को बहुत देर तक उबालते हैं, तो उसमें मौजूद थियाफ्लेविन (Theaflavins) और कैटेचिन (Catechins) जैसे प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स नष्ट हो जाते हैं।

ये वही तत्व हैं जो शरीर में तनाव कम करने, कोशिकाओं की मरम्मत करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

ज्यादा उबालने से चाय की एसिटिक प्रॉपर्टी (Acidic Property) बढ़ जाती है, जिससे यह पचने में भारी हो जाती है और पेट में जलन या गैस की समस्या बढ़ सकती है।

पेट की सेहत पर बुरा असर

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बहुत ज्यादा उबली हुई या कड़क चाय का लगातार सेवन डाइजेशन सिस्टम को कमजोर कर सकता है। इससे पेट में भारीपन, एसिडिटी, गैस और सूजन जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

दरअसल, जब दूध वाली चाय को बार-बार उबाला जाता है, तो उसमें मौजूद प्रोटीन और टैनिन की संरचना बदल जाती है, जिससे चाय कड़वी और अपचनीय बन जाती है।

कितनी चाय पीना है सुरक्षित?

विशेषज्ञों का कहना है कि एक दिन में 2 कप हल्की चाय से ज्यादा नहीं पीनी चाहिए। कोशिश करें कि चाय को ज्यादा देर तक न उबालें और उसे ताज़ा पीएं।

अगर आप चाहें तो ग्रीन टी या हर्बल टी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जो शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

कड़क चाय का स्वाद भले ही लाजवाब लगे, लेकिन उसका असर आपकी सेहत पर धीरे-धीरे दिखता है। अगर आप दिन की शुरुआत या अंत हर बार कड़क दूध वाली चाय से करते हैं, तो यह आदत दिल, लिवर और पेट — तीनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

इसलिए, अब वक्त है अपनी चाय की आदत को थोड़ा बदलने का। चाय पीना बंद न करें, बस इसे समझदारी से पिएं — हल्की, ताज़ा और सीमित मात्रा में।

Leave a Comment