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Sharadiya Navratri Muhurat : शारदीय नवरात्रि में कब करें कलश स्थापना, यहां देखें सही दिन और महत्व

By Rajat Sharma

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Sharadiya Navratri Muhurat : हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व मां आदिशक्ति दुर्गा की उपासना और शक्ति की आराधना का होता है।

हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्रि का आरंभ होता है। इस दौरान श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं।

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) की जाती है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां भगवती घर में विराजती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं।

हालांकि नवरात्रि के दौरान किसी भी दिन कन्या पूजन किया जा सकता है, लेकिन सप्तमी, अष्टमी और नवमी की तिथि पर कन्या पूजन का खास महत्व बताया गया है।

शारदीय नवरात्रि 2025 कब से शुरू होंगे?

इस साल शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार चतुर्थी तिथि में वृद्धि होने के कारण नवरात्रि नौ दिन की बजाय पूरे दस दिन के होंगे।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 2025

द्रिक पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को सुबह 01:23 बजे प्रारंभ होगी और 23 सितंबर को सुबह 02:55 बजे समाप्त होगी।

घटस्थापना का शुभ समय: सुबह 06:09 से 08:06 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:49 से दोपहर 12:38 बजे तक

नवरात्रि की सप्तमी तिथि

शारदीय नवरात्रि की सप्तमी 29 सितंबर, सोमवार को पड़ रही है। इस दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा होती है।

मान्यता है कि मां कालरात्रि भक्तों को शत्रुओं और संकटों से मुक्ति प्रदान करती हैं।

नवरात्रि की अष्टमी तिथि

इस साल अष्टमी 30 सितंबर, मंगलवार को होगी। इसे महा अष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है।

मां महागौरी को सौम्यता और शांति की देवी माना जाता है।

नवरात्रि की नवमी तिथि

महानवमी 1 अक्टूबर, बुधवार को पड़ रही है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

श्रद्धालु इस दिन कन्या पूजन और भोग लगाकर मां को प्रसन्न करते हैं।

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