Bihar Dal Pitha Recipe : बिहार की मिट्टी की खुशबू सिर्फ उसकी बोली और लोकगीतों में ही नहीं, बल्कि यहां के खाने में भी मिलती है।
लिट्टी-चोखा के बाद अगर किसी डिश का नाम सबसे पहले लिया जाता है तो वह है दाल पीठा। यह परंपरागत व्यंजन न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि हेल्दी भी माना जाता है।
दाल पीठा खासतौर पर सर्दियों में बड़े चाव से खाया जाता है। चावल के आटे और चने की दाल से बनने वाली यह डिश बिना तेल के भी तैयार हो जाती है, इसलिए सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद है।
इसे आप स्नैक, लंच या डिनर – कभी भी एन्जॉय कर सकते हैं।
दाल पीठा बनाने के लिए सामग्री
- चावल – 2 कप
- चना दाल – 1 कप
- अदरक – 1 इंच टुकड़ा
- हरी मिर्च – 2-3
- लहसुन की कलियां – 4-5
- हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि (स्टेप बाय स्टेप)
चावल और दाल भिगोना – सबसे पहले चावल और चना दाल को अलग-अलग 3–4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें।
चावल का आटा तैयार करना – भीगे हुए चावल को पीसकर उसका बैटर बना लें। इसमें थोड़ा नमक डालें।
अब कड़ाही में इस बैटर को लगातार चलाते हुए पकाएं। जब यह गाढ़ा होकर सूख जाए तो एक बर्तन में निकालकर ठंडा कर लें।
स्टफिंग तैयार करना – भिगोई हुई चना दाल को अदरक, हरी मिर्च और लहसुन के साथ पीस लें। इसमें हल्दी और नमक मिलाकर मसालेदार फिलिंग तैयार करें।
पीठा बनाना – अब चावल के आटे का गोला बनाकर हाथ से दबाकर बेल लें। इसमें दाल की फिलिंग भरें और किनारे अच्छी तरह से बंद कर दें।
उबालना – एक बड़े पतीले में पानी उबालें और उसमें दाल पीठा डालकर धीमी आंच पर पकाएं। पकने पर यह पानी की सतह पर ऊपर आ जाएगा।
सर्विंग – इसे हरी चटनी, टमाटर की चटनी या ग्रेवी वाली सब्जी के साथ गर्मागर्म परोसें।
अगर आप इसे स्नैक्स की तरह खाना चाहते हैं तो छोटे-छोटे पीठे काटकर घी में तड़का लगाकर भी सर्व कर सकते हैं। इसमें करी पत्ता, राई और हल्के मसाले डाल दें तो स्वाद और भी लाजवाब हो जाएगा।
क्यों खास है दाल पीठा?
इसमें तेल का इस्तेमाल बहुत कम होता है। चना दाल से भरपूर प्रोटीन और फाइबर मिलता है।
सर्दियों में यह शरीर को ऊर्जा देता है। पारंपरिक स्वाद का अहसास कराता है।











