GST on Medicines : 3 सितंबर 2025 को हुई GST काउंसिल की बैठक में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। 33 ऐसी दवाओं पर लगने वाला GST (Goods and Services Tax) पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जो कैंसर, ब्लड डिसऑर्डर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में काम आती हैं।
पहले इन दवाओं पर 12% GST लगता था, जिसे अब शून्य कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि मरीजों को अब इन महंगी दवाओं (Medicines for Cancer) पर टैक्स नहीं देना होगा। इससे इलाज का खर्च कम होगा और मरीजों व उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
कब से लागू होगा नया नियम?
सरकार ने साफ किया है कि यह नई व्यवस्था 22 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू हो जाएगी। यानी नवरात्रि से पहले ही मरीज इन दवाओं को बिना GST (Goods and Services Tax) के खरीद सकेंगे। पहले टैक्स की वजह से इन दवाओं की कीमतें काफी बढ़ जाती थीं, लेकिन अब ये दवाएं सस्ती हो जाएंगी। खासकर उन परिवारों को इसका बड़ा फायदा होगा, जो महंगे इलाज का बोझ नहीं उठा पाते थे।
कौन-सी दवाएं होंगी GST मुक्त?
GST काउंसिल ने 33 दवाओं की एक लिस्ट जारी की है, जिनमें कैंसर, ब्लड डिसऑर्डर और अन्य जटिल बीमारियों (Medicines for Blood Disorders) के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बेहद जरूरी होती हैं, और इनका इलाज आमतौर पर बहुत महंगा होता है। अब इन पर कोई GST (Goods and Services Tax) नहीं लगेगा, जिससे मरीजों को दवाओं की खरीद में राहत मिलेगी। इनमें शामिल हैं—Onasemnogene abeparvovec, Asciminib, Mepolizumab, Pegylated Liposomal Irinotecan, Daratumumab, Teclistamab, Amivantamab, Alectinib, Risdiplam, Obinutuzumab, Polatuzumab vedotin, Entrectinib, Atezolizumab, Spesolimab, Velaglucerase Alpha, Agalsidase Alfa, Rurioctocog Alpha Pegol, Idursulphatase, Alglucosidase Alfa, Laronidase, Olipudase Alfa, Tepotinib, Avelumab, Emicizumab, Belumosudil, Miglustat, Velmanase Alfa, Alirocumab, Evolocumab, Cystamine Bitartrate, C1-Inhibitor (injection), और Inclisiran।
GST स्लैब में भी बड़ा बदलाव
GST काउंसिल ने न सिर्फ दवाओं पर टैक्स हटाया, बल्कि GST (Goods and Services Tax) के स्लैब को भी आसान कर दिया है। अब देश में सिर्फ दो टैक्स स्लैब होंगे—5% और 18%। पहले चार तरह के स्लैब थे, जिससे टैक्स गणना और भुगतान में काफी उलझन होती थी। नए नियमों के तहत साबुन, साइकिल, टीवी और हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस जैसी रोजमर्रा की चीजों पर भी टैक्स कम कर दिया गया है। हालांकि, तंबाकू, गुटखा और सिगरेट पर टैक्स को बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि टैक्स स्लैब में बदलाव से करीब 48,000 करोड़ रुपये का असर होगा, लेकिन सरकार की वित्तीय स्थिति पर इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की बात की थी, जो अब हकीकत में बदल रही है।
आम आदमी के लिए बड़ी राहत
यह सरकारी फैसला स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। महंगी और जरूरी दवाओं (Medicines for Cancer) पर GST हटने से इलाज का खर्च कम होगा। साथ ही, टैक्स स्लैब को सरल करने से कारोबारियों को भी फायदा होगा।
22 सितंबर से लागू होने वाले ये नए नियम आम लोगों के लिए उम्मीद की किरण हैं, खासकर उन परिवारों के लिए जो गंभीर बीमारियों (Medicines for Blood Disorders) के इलाज के लिए आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।











