आयुर्वेद विवि में बीएससी नर्सिंग को वरीयता क्यों?

देहरादून। आयुर्वेद विवि में अब नर्सिंग स्टाफ की भर्ती पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यहां पर आयुर्वेद नर्सिंग बेरोजगारों ने इस बात पर सवाल उठाए हैं कि आयुर्वेद विवि में बीएससी नर्सिंग को वरीयता क्यों दी गई है। उन्होंने इस भर्ती की विज्ञप्ति को रद्द करने या इसमें संशोधन करने की मांग उठाई है। उन्होंने इसकी शिकायत कुलपति समेत आयुष मंत्री डॉ हरक सिंह रावत से भी की है।

बेरोजगार आयुर्वेद संघ की अध्यक्ष अरुणा, प्रदेश महासचिव नीलम ग्रंथि, मुख्य संरक्षक अंजलि सेमवाल, प्रीति सैनी, संजू तोपवाल, कंचन चतुर्वेदी, लोककला, कंचन रावत सुरेखा कंडवाल आदि ने कुलसचिव और कुलपति से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आयुष प्रदेश हैं इसके बाद भी आयुर्वेद विवि में की जा रही नर्सिंग की भर्ती में बीएससी नर्सिंग को वरीयता और केवल तीन पोस्ट आयुर्वेद स्टाफ के लिए रखी गई है। जबकि सीसीआईएम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

जिससे आयुर्वेद नर्सों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया रद्द नहीं की गई तो वह आंदोलन को मजबूर होगी। उधर कुलसचिव प्रोफेसर उत्तम शर्मा का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुसार की जा रही है। विवि में आयुर्वेद के 36 पद है। 31 पर नर्से काम कर रही है। आर्युवेद के पदों पर किसी को नहीं रखा जा रहा है। सीसीआईएम के मानकों के तहत ही काम किया जा रहा है।

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