जोशीमठ के पगनों गांव में आपदा के बाद छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर

जोशीमठ के पगनों गांव में आपदा के बाद छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा ) : जोशीमठ विकासखंड के दूरस्थ पगनों गांव में आपदा ने ऐसा कहर बरपाया कि दर्जनों परिवारों को बेघर कर दिया। वहीं आपदा में विद्यालय व आंगनबाड़ी भी जमींदोज हो गई हैं। जिससे छात्र – छात्राएं खुले आसमान में पढ़ने को हैं मजबूर।

दरअसल मानसून सीजन में हुई भारी वर्षा से पहाड़ी क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचा है। आपदा से चमोली जिले का हर दूसरा गांव प्रभावित हुआ है। जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। वहीं आपदा से सरकारी संपत्तियों को भी करोड़ों का नुकसान पहुंचा है।
चमोली जिले में 13 अगस्त की रात्रि में हुई अतिवृष्टि से भारी नुक़सान पहुंचा है। जोशीमठ विकासखंड के दूरस्थ गांव पगनों में भारी बारिश व भूस्खलन होने से तीन दर्जन से अधिक परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। जिससे दर्जनभर परिवार टिनशैड व अन्य घरों में शरण लिए हुए हैं। भूस्खलन से गांव का प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र भी जमींदोज हो गए हैं। जिससे छात्रों का पठन-पाठन प्रभावित हुआ है।

ग्राम प्रधान रीमा देवी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र जमींदोज हो गए हैं। छात्रों के लिए पंचायत चौक में टेंट लगाकर पढ़ाई चल रही है। उन्होंने बताया कि बारिश होने पर यहां पर भी पठन – पाठन कराना मुश्किल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द इसकी उचित व्यवस्था करनी चाहिए जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो। वहीं उन्होंने कहा कि विद्यालय में 30 छात्र – छात्राएं अध्यनरत हैं लेकिन विद्यालय एक अध्यापक के भरोसे चल रहा है। जबकि सुगम क्षेत्रों में 10 छात्रों पर दो – दो शिक्षक हैं। उन्होंने प्रशासन को विद्यालय में छात्र संख्या को देखते हुए दो शिक्षकों की तैनाती की मांग की है।

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