जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च: उमाकान्त पन्त

जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च: उमाकान्त पन्त

ऋषिकेश : आज आवास विकास कॉलोनी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में व्यास जयन्ती   मनाई गई कार्यक्रम का  शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री उमाकांत पंत , उपप्रधानाचार्य  सतीश चौहान व हेमंत गुप्ता  ने सरस्वती मां व व्यास जी के चित्र के सम्मुख संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया इस अवसर पर विद्यालय के भैया बहनों ने व्यास जी के जीवन से संबंधित दंत कथाओं को प्रस्तुत  किया इस अवसर पर श्री प्रधानाचार्य उमाकांत पंत जी ने कहा कि व्यास जयंती को  गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है उन्होंने बताया कि  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा को वेद व्याजी का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा कहते हैं. इस सभी को व्यास जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए उनके समान अपने गुरु व माता पिता की आज्ञा का पालन करना चाहिए जो हम सब के लिए जीवन में आगे बढ़ने हेतु परम आवश्यक हैं।

मुख्य अतिथि हेमंत गुप्ता (जिला संयोजक पर्यावरण संरक्षण गतिविधि ऋषिकेश) ने पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए तथा इको ब्रिक बनाओ और कचरा मुक्त अभियान में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं की प्रशंसा की और कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए कपड़े के थैले का प्रयोग करना चाहिए और प्लास्टिक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर लेना चाहिए।

कार्यक्रम के वक्ता के रूप में नागेंद्र पोखरियाल जी ने कहा कि हमें  सभी महापुरुषों की जयंती मनाने के साथ साथ उनके जीवन से प्रेरणा भी लेनी चाहिए जिससे हमारा जीवन भी उनके समान ओजस्वी हो सकें। कार्यक्रम में रामगोपाल रतूड़ी,वीरेंद्र कंसवाल ,रीना गुप्ता,मीनाक्षी उनियाल,चंद्रप्रकाश डोभाल, विनय सेमवाल, अजीत रावत,सहित सभी अध्यापक उपस्थित रहे।

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