उत्तरकाशी जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक हुई सम्पन्न, पशुओ को अवारा छोड़ने पर होगी कार्रवाई
उत्तरकाशी जिला पशु क्रूरता निवारण सामिति की बैठक हुई सम्पन्न, पशुओ को अवारा छोड़ने पर होगी कार्रवाई

उत्तरकाशी (रोबिन वर्मा)। जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ भरत दत्त ढोंडियाल की अध्यक्षता मे जिला पशु क्रूरता निवारण समिति एवं पशु संचालन से सम्बंधित हितधारकों के साथ जिला सभागार में बैठक की।   

बैठक में डीएम ने नगरीय क्षेत्रों एवं नेशनल हाइवे में आवारा पशुओं के विचरण की रोकथाम को लेकर ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने ईओ नगर पालिका,पशुपालन विभाग औऱ पुलिस को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर के ऐसे स्थान जहाँ आवारा पशु विचरण कर रहें उनका सर्वे कर लिया जाय। साथ ही आवारा पशुओं को कांजी हाऊस,गोशाला में रखें जाय। पशु मालिक जो टेग लगी हुई अपनी गायों को बाजार में छोड़ रहें है उनका सत्यापन कर जुर्माना और चालानी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। पशु क्रूरता को लेकर ब्लाक स्तर एवं स्कूलों,शिक्षण संस्थानों में भी जागरूकता फैलाने को कहा। जिलाधिकारी ने पशुओं के चारा प्रबंधन की प्रबल व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु मनरेगा के माध्यम से सिविल भूमि में नेपियर, सुपर मेपीएर आदि प्रजाति की घास उगाने के निर्देश सीवीओ को दिए। 

वहीं इस दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ भरत दत्त ढोंडियाल ने कहा की बैठक में एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है जिसमे पशुपालन विभाग , नगर पालिका व और पंचायत , पुलिस विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधि संयुक्त रूप से पशु क्रूरता करने वालों पर कार्रवाई करेगी। 

इस दौरान बैठक में सामिति के पदाधिकारियों द्वारा पशु क्रूरता के सम्बंध में अनेक सुझाव भी दिए। तथा  सामिति में नए सदस्य बनने हेतु पांच सौ एवं आजीवन सदस्य हेतु इक्कीस सौ रुपये शुल्क निर्धारित करने का सुझाव दिया गया।  

बैठक में प्रिंसिपल निम कर्नल अमित विष्ट, सीएमओ डॉ केएस चौहान,  उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विवेकानंद सती, संदीप पाटिल,किरण पंवार,अजय पुरी,जाड़ी संस्था के द्वारिका सेमवाल, पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल,मेजर आरएस जमनाल सहित पशु हितधारक उपस्थित रहे।

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