लंपी वायरस को लेकर उत्तराखंड सरकार गंभीर, जारी की नयी एसओपी, पढ़िए विस्तृत खबर!
लंपी वायरस को लेकर उत्तराखंड सरकार गंभीर, जारी की नयी एसओपी, पढ़िए विस्तृत खबर!

देहरादून : प्रदेश के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा (Animal Husbandry Minister Saurabh Bahuguna) द्वारा पशुओं में फैल रहे लंपी वायरस (Uttarakhand Lumpy virus) को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, जिससे रोग से पशुओं को समय रहते बचाया जा सके. मंत्री ने लंपी रोग के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब तक कुल 20,505 केस पंजीकृत किये गये हैं जिनमें से 8,028 पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं. 341 पशुओं की लंपी रोग से मृत्यु हुई है. उन्होंने कहा कि लंपी रोग से स्वस्थ होने की दर 40% तथा मृत्यु दर 1.6% है.

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा (Cabinet Minister Saurabh Bahuguna) ने पशुओं के वैक्सीनेशन की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में लंपी रोग की मॉनीटरिंग के लिए सरकार द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास 6 लाख टीके उपलब्ध हैं. 5 लाख 80 हजार टीके प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वितरित किये जा चुके हैं. राज्य सरकार द्वारा 4 लाख टीकों (Uttarakhand Lumpy virus) का ऑर्डर दिया गया है. मंत्री ने पशुपालकों से निवेदन करते हुए कहा कि प्रत्येक पशुपालक को अपने पशुओं का बीमा अवश्य करवाना चाहिए. जिससे किसी भी प्रकार की हानि होने पर पशुपालकों को उचित मुआवजा प्राप्त होगा.

उन्होंने टोल फ्री नंबर 18001208862 जारी करते हुए कहा कि लंपी रोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. मंत्री ने SOP (Standard operating procedure) जारी करते हुए कहा कि सभी को लंपी रोग के बारे में जागरूक रहना होगा. उन्होंने कहा कि अन्य लंपी रोगग्रस्त क्षेत्रों से पशुओं के व्यापार पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है. मंत्री सौरभ ने कहा कि हरिद्वार तथा देहरादून लंपी रोग से सर्वाधिक प्रभावित जिले हैं. हरिद्वार में 11,350 तथा देहरादून में 6,383 लंपी रोग के केस पंजीकृत किये गये हैं. सौरभ बहुगुणा ने कहा कि केन्द्र सरकार ने लंपी रोग से बचाव हेतु वैक्सीनेशन व फंडिंग से संबंधित सहायता समय पर उपलब्ध कराई है. जिसके लिए वो केन्द्र सरकार का धन्यवाद करते हैं.

क्या है लंपी स्किन बीमारी: लंपी स्किन रोग (Lumpy Skin Disease) वायरस की वजह से तेजी से फैलता है. यह एक संक्रामक रोग है. लंपी स्किन रोग कमजोर इम्‍यूनिटी वाली गायों को जल्द प्रभावित करता है. इस रोग का कोई ठोस इलाज न होने के चलते सिर्फ वैक्‍सीन के द्वारा ही इस रोग पर नियंत्रण और रोकथाम की जा सकती है.

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